महासमुंद. जिले के कोमाखान क्षेत्र के ग्राम झिटकी में आधी रात एक ही परिवार के आठ लोगों पर हमला करने वाला तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। रविवार सुबह जंगल सफारी की 10 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक चले अभियान के बाद तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ लिया। इस हमले में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। गंभीर घायलों में उत्तरीबाई, सुनीता यादव और मनीष शामिल हैं। तेंदुए के हमले में इन लोगों के चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं। महासमुंद वन मंडलाधिकारी ने रेस्क्यू अभियान सफल होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
परिवार के लोगों के अनुसार, घटना रविवार तड़के रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच हुई। सरजू यादव (60 वर्ष) की पत्नी उत्तरीबाई यादव (55 वर्ष) घर की कुंडी खोलकर बाथरूम जाने के लिए निकली थीं। इसी दौरान तेंदुआ घर में घुस गया। अचानक सामने आए जानवर को परिवार के सदस्यों ने पहले कुत्ता समझा और उसे भगाने की कोशिश की गई, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तेंदुए ने हमला कर दिया। इसके चलते घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे।
बताया जा रहा है कि तेंदुए ने पहले छोटे भाई के परिवार पर हमला किया। जहां से वह बड़े भाई के घर की ओर पहुंच गया और वहां मौजूद लोगों को भी निशाना बनाने लगा। घर में मौजूद लोग एक-दूसरे को बचाने और तेंदुए से खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करते रहे। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, तेंदुए के हमले और उससे बचाव का यह संघर्ष करीब 20-25 मिनट तक चला। फिर तेंदुआ घर के भीतर चला गया और परिवार के सदस्यों ने किसी तरह बाहर निकलकर दरवाजे की कुंडी बाहर से लगा दी। घर से चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर जुटने लगे। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी और पुलिस तथा वन विभाग को भी घटना की जानकारी दी। रात में ही संबंधित विभागों के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए।
सुबह पहुंची जंगल सफारी की 10 सदस्यीय टीम
रविवार सुबह करीब 10 बजे जंगल सफारी की 10 सदस्यीय रेस्क्यू टीम ने ग्राम झिटकी पहुंचकर स्थिति का आकलन कर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कार्रवाई शुरू की। करीब एक घंटे 40 मिनट की मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने खूंखार तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ।
तीन लोगों की हालत गंभीर, रायपुर रेफर
तेंदुए के हमले में सरजू यादव (60 वर्ष), उत्तरीबाई यादव (55 वर्ष), जनकराम (40 वर्ष), मनीष (18 वर्ष), सुनीता यादव (34 वर्ष), तुषार (15 वर्ष) सहित कुल आठ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दो अन्य घायलों के नाम की जानकारी पहले स्पष्ट नहीं हो सकी थी। घायलों को पहले बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया था। वहां वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हुए अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें महासमुंद जिला अस्पताल रेफर किया। गंभीर रूप से घायल उत्तरीबाई, सुनीता यादव और मनीष को बेहतर उपचार के लिए रायपुर भेजा गया है।
इधर महासमुंद वन मंडलाधिकारी ने बताया कि तेंदुए का रेस्क्यू सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा। लगातार दो दिनों में पंडरीपानी और झिटकी क्षेत्र में तेंदुए के हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। हालांकि, दोनों घटनाओं में एक ही तेंदुआ शामिल था या नहीं, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है।






