आज का पंचांग 22 जनवरी 2026: गणेश जयंती, वरद चतुर्थी, शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल
आज का पंचांग 22 जनवरी 2026: आज गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज गणेश जयंती और वरद चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु) चल रहा है और वैदिक तथा द्रिक ऋतु शिशिर है।
तिथि का विवरण
आज शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि 22 जनवरी को प्रातः 02:47 बजे से प्रारंभ होकर 23 जनवरी 02:28 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि आरंभ होगी, जो 24 जनवरी 01:46 बजे तक रहेगी।
नक्षत्र और योग
आज शतभिषा नक्षत्र 22 जनवरी दोपहर 02:26 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का आरंभ होगा। योग की बात करें तो वरीयान योग शाम 05:37 बजे तक रहेगा, इसके पश्चात परिघ योग लगेगा, जो अगले दिन 03:58 PM तक प्रभावी रहेगा।
करण
आज वणिज करण दोपहर 02:41 बजे तक रहेगा, उसके बाद विष्टि करण रात्रि 02:28 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात बव करण का आरंभ होगा।
वार और ग्रह स्थिति
आज गुरुवार का दिन है। सूर्य मकर राशि में स्थित है जबकि चंद्रमा पूरे दिन और रात कुंभ राशि में संचार करेगा, जिससे आज का दिन बुद्धि, निर्णय और नए विचारों के लिए अनुकूल माना जाता है।
त्यौहार और व्रत
आज गणेश जयंती और वरद चतुर्थी का विशेष संयोग है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्नों का नाश और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। भक्त आज व्रत रखकर गणपति बप्पा की आराधना करते हैं।
सूर्य और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय प्रातः 07:13 बजे और सूर्यास्त सायं 06:03 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 09:24 बजे और चंद्रास्त रात्रि 09:26 बजे होगा।
अशुभ काल
आज राहुकाल दोपहर 01:59 बजे से 03:20 बजे तक रहेगा। यमगण्ड प्रातः 07:13 से 08:34 बजे तक और कुलिक काल 09:56 से 11:17 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त 10:50 से 11:33 AM तथा 03:09 से 03:53 PM तक रहेगा। वर्ज्यम काल रात्रि 08:52 से 10:28 बजे तक माना गया है।
शुभ काल और मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:16 से 01:00 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम है। अमृत काल प्रातः 06:59 से 08:35 बजे तक रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:37 से 06:25 बजे तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
आनन्दादि योग
आज वज्र योग दोपहर 02:26 बजे तक रहेगा, इसके बाद मुद्गर योग का प्रभाव रहेगा। यह योग कार्यों में स्थायित्व और परिश्रम का फल देने वाला माना जाता है।
चंद्र मास और कैलेंडर विवरण
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों ही गणना के अनुसार माघ मास है। राष्ट्रीय शक कैलेंडर के अनुसार आज माघ 2, 1947 है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन पूजा, व्रत और नए संकल्प के लिए विशेष फलदायी माना गया है।