नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली और एनसीआर की हवा शुक्रवार सुबह एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गई। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 500 से भी ऊपर दर्ज किया गया, जिससे हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर प्लस’ (Severe+) श्रेणी में पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड बढ़ने, हवा की रफ्तार कम होने और घने कुहासे की वजह से प्रदूषित कण फंस रहे हैं और स्थिति तेज़ी से खराब होती जा रही है।
सुबह प्रदूषण का सबसे बुरा स्तर
सुबह 7 बजे दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, वजीरपुर सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा, जहां AQI 691 तक पहुंच गया — जो कि बेहद खतरनाक श्रेणी है।
इसके बाद प्रमुख प्रदूषित जगहें:
| इलाका | AQI |
| वजीरपुर | 691 |
| आनंद विहार | 620 |
| जहांगीरपुरी | 583 |
| बहादुरगढ़ | 550 |
| लोनी | 548 |
| रोहिणी | 503 |
| नोएडा सेक्टर-116 | 493 |
| वसुंधरा | 469 |
| इंदिरापुरम | 466 |
| नॉलेज पार्क (ग्रेटर नोएडा) | 454 |
Source-jagran
इन इलाकों में धुंध की घनी परत छाई है और लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और गले में सूखापन जैसी समस्याएं बढ़ी हैं।
लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता
CPCB के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात दिनों से दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी हुई है। शुक्रवार को औसत AQI 391 रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर सीमा के बेहद करीब था।
पिछले दिनों औसत AQI स्थिति:
- बुधवार – 392
- मंगलवार – 374
- सोमवार – 351
ठंड और कम हवा की गति से बढ़ रहा खतरा
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान प्रणाली के अनुसार:
- अगले 6 दिनों तक हवा ‘बहुत खराब से गंभीर’ श्रेणी में रह सकती है।
- तापमान में कमी, कम हवा, घना कोहरा और आंशिक बादल प्रदूषण को बढ़ाएंगे।
PM10 और PM2.5 के स्तर बेहद खतरनाक
- PM 10: 363.1
- PM 2.5: 212.5
(मानक से कई गुना अधिक)
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के अनुमान के अनुसार:
- वाहनों का योगदान: 17.3%
- पराली का योगदान: 2% से भी कम
यानी दिल्ली का लोकल प्रदूषण ही मुख्य कारण बना हुआ है।
स्वास्थ्य पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
- बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा-हृदय रोगियों के लिए जोखिम 5-10 गुना बढ़ जाता है
- मास्क, भाप और एयर प्यूरीफायर का प्रयोग आवश्यक
क्या करें
- सुबह-शाम बाहर जाने से बचें
- N-95 या N-99 मास्क पहनें
- पानी ज्यादा पिएं
- घर में पौधे और वेंटिलेशन कंट्रोल रखें
दिल्ली-NCR की हवा तेजी से ज़हरीली होती जा रही है और अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद बहुत कम है।
सरकार और नागरिकों दोनों को मिलकर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, नहीं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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