रायपुर. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के अंतर्गत स्थित ग्राम बांसकुड़ा की कमार बस्ती लंबे समय तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रही। विलुप्तप्राय कमार जनजाति की इस आदिवासी बसाहट में सड़क के अभाव ने वर्षों तक सामाजिक और आर्थिक विकास को बाधित किया। वर्षा ऋतु में कच्ची सड़क पूरी तरह खराब हो जाती थी, जिससे गांव का संपर्क बाहरी क्षेत्रों से लगभग कट जाता था और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका पर गहरा असर पड़ता था।
पीएम जनमन योजना के तहत सड़क निर्माण की पहल
इन समस्याओं को दूर करने के लिए वर्ष 2023-24 में ग्राम बांसकुड़ा को प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) के अंतर्गत शामिल किया गया। योजना के तहत 79.23 लाख रुपये की लागत से 1.60 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क के निर्माण को स्वीकृति दी गई। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर तकनीकी मंजूरी प्राप्त की गई और विभागीय अभियंताओं की सतत निगरानी में तय समय-सीमा के भीतर कार्य को पूरा किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
सड़क निर्माण के बाद गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। अब एम्बुलेंस और चिकित्सा दल बिना किसी रुकावट के गांव तक पहुंच पा रहे हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन मरीजों को समय पर उपचार मिलने लगा है। टीकाकरण और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं, जिससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव
पक्की सड़क बनने से शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। बच्चों और युवाओं को अब स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई नहीं होती। विद्यार्थियों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई है और शिक्षा के प्रति जागरूकता व रुचि बढ़ी है, जो आने वाले समय में गांव के समग्र विकास की मजबूत नींव बनेगी।
कृषि और आजीविका को मिली नई गति
सड़क सुविधा से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में समय और लागत दोनों की बचत हो रही है। कमार जनजाति द्वारा तैयार किए जाने वाले पारंपरिक बांस शिल्प उत्पाद अब आसानी से बाजार तक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। दूध, सब्जी और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की नियमित आपूर्ति संभव हो पाई है, वहीं रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।
सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को मिला बल
मुख्य सड़क से जुड़ाव के कारण गांव का सामाजिक-आर्थिक एकीकरण मजबूत हुआ है। अब ग्रामीण सामाजिक आयोजनों, मेलों और सामूहिक गतिविधियों में अधिक सक्रियता से भाग ले पा रहे हैं। बाहरी क्षेत्रों से संपर्क बढ़ने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रफ्तार भी तेज हुई है।
ग्रामीणों की जुबानी बदलाव की कहानी
ग्राम के एक कमार परिवार ने बताया कि पहले सड़क न होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और फसल को बाजार तक पहुंचाना बेहद मुश्किल था। पीएम जनमन योजना के तहत सड़क बनने के बाद अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो गया है। इससे उनकी आय और जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।