रायपुर. भारतीय रेलवे द्वारा अगले पाँच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता दोगुनी करने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इस ऐतिहासिक पहल में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को शामिल किया जाना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि राज्य की समग्र कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ के करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ा तोहफ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित यह योजना राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
रायपुर जंक्शन की बढ़ेगी क्षमता और सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर जंक्शन देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में शामिल है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। संचालन क्षमता दोगुनी होने से यात्रियों को अधिक ट्रेनों की सुविधा, बेहतर फ्रीक्वेंसी और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। इससे छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और उद्योग जगत को सीधा लाभ होगा।
रेल संरचना के विस्तार से आर्थिक गतिविधियों को बल
इस योजना के तहत मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही शहरी क्षेत्रों में नए टर्मिनल, सिग्नलिंग और यार्ड का आधुनिकीकरण, मल्टीट्रैकिंग तथा आधुनिक कोचिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किए जाएंगे। इससे निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स में उल्लेखनीय सुधार होगा।
छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास पर 41,000 करोड़ का निवेश
छत्तीसगढ़ में रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए लगभग 41,000 करोड़ रुपए की लागत से कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें नई रेल लाइनों का निर्माण, ट्रैक दोहरीकरण, रेलवे फ्लाईओवर और ब्रिज शामिल हैं। राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन भी पूरा हो चुका है, जो पर्यावरण और परिचालन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
बजट में 6,925 करोड़ का प्रावधान
केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के लिए 6,925 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे लंबित और नई रेल परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी और राज्य में कनेक्टिविटी का दायरा और बढ़ेगा।
नई रेल परियोजनाओं से बदलेगा क्षेत्रीय परिदृश्य
राज्य में रावघाट-जगदलपुर, धरमजयगढ़-लोहरदगा और खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा जैसी महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। रावघाट रेल लाइन के तहत दल्लीराजहरा–अंतागढ़ सेक्शन शुरू हो चुका है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को सस्ती और सुलभ यातायात सुविधा मिल रही है।
खनिज और औद्योगिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
डोंगरगढ़–कवर्धा–कटघोरा रेल लाइन, कोरबा–अंबिकापुर नई लाइन और के.के. रेल लाइन के दोहरीकरण से खनिज परिवहन, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे बस्तर, दंतेवाड़ा और सरगुजा जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
“विकसित भारत @2047” के संकल्प को मजबूती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का ऐतिहासिक विस्तार हो रहा है। यह पहल “विकसित भारत @2047” के लक्ष्य को सशक्त करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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