महासमुंद. तहसील कार्यालय पिथौरा में 2 जनवरी को जनपद सदस्य जितेंद्र सिन्हा द्वारा किए गए प्रदर्शन मामले महिला तहसीलदार ने पिथौरा थाने में रिपोर्ट लिखाई है। महिला तहसीलदार ने थाने में आरोपी के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने, आत्महत्या की धमकी देने, अपने कपड़े उतार कर अधीनस्थ स्टाफ को कार्यालय के अंदर परिरोध किए जाने के संबंध में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
पिथौरा थाने में दिए गए आवेदन में महिला तहसीलदार मनीषा देवांगन पिता मनोज कुमार देवांगन ने पुलिस को बताया 02 जनवरी को लगभग 12.10 बजे वह अपने चैंबर में बैठकर शासकीय कार्य संपादित कर रही थी। तभी जितेंद्र सिन्हा निवासी पिथौरा चैंबर में आया और शासकीय आबादी भूमि का नजरी नक्शा के नकल, जो कि किसी अन्य कृषक का था, में हस्ताक्षर किये जाने के संबंध में मेरे से अभद्रता से बात करने लगा और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने लगा।
तहसीलदार ने आवेदन में कहा कि जब उसने कहा कि अभी एस.आई.आर. (विशेष गहन पुनरीक्षण) के संबंध में ट्रेनिंग है, वहां से आकर आपका काम कर दूंगी। तब भी आरोपी नहीं माना और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर बेइज्जत करने की नीयत रखते हुए मेरे न्यायालय के दरवाजे में सामने खड़े होकर अपने कपड़े उतारने लगा और कहने लगा कि कैसे साइन नहीं करेगी, मैं भी देखता हूं, यहीं तेरे ऑफिस में धरने में बैठ जाऊंगा और नहीं करेगी तो मैं आत्म दहन करके दिखाऊंगा। मेरा काम किए बिना इस ऑफिस से निकल के दिखा, इस तरह वह धमकी देने लगा। इसके बाद आरोपी अपने कपड़े उतार कर बैठ गया। दरवाजे में बैठकर कहने लगा कि न्यायालय कक्ष से किसी व्यक्ति को न ही अंदर जाने दूंगा और न ही बाहर आने दूंगा।
महिला तहसीलदार मनीषा देवांगन ने अपने आवेदन में पुलिस को बताया कि अस्थाई रूप से आरोपी ने मेरे स्टॉफ को न्यायालय कक्ष में बंधक बनाकर रखा तथा तहसील कार्यालय पेशी में आये कृषकों को अंदर आने न देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किया। वह बड़ी मुश्किल से निकल कर एस.आई.आर. (विशेष गहन पुनरीक्षण) की ट्रेनिंग में जा पाई। महिला तहसीलदार के आवेदन पर पिथौरा थाने में आरोपी के विरूद्ध धारा 127(2), 221, 224, 226, 351, 79 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
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