महासमुंद जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय कुमार लंगेह ने पंचायत उप चुनाव की समय-सारणी जारी करते हुए संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता लागू कर दी है। इसके साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। पंचायत चुनाव से जुड़े सभी प्रत्याशियों, समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इन क्षेत्रों में होगा पंचायत उप निर्वाचन
जिले के विभिन्न जनपद पंचायत क्षेत्रों के ग्राम पंचायतों और वार्डों में पंच एवं सरपंच पदों के लिए उप निर्वाचन कराया जाएगा।
जनपद पंचायत महासमुंद के अंतर्गत सोरम, लोहारडीह, कुर्रुभाठा, रायतुम और जोगीडीपा ग्राम पंचायतों के विभिन्न वार्डों में पंच पद हेतु चुनाव होंगे। वहीं बागबाहरा क्षेत्र में कन्हारपुरी, बिहाझर, चिंगरिया, भालूचुंवा और टोंगोपानीकला ग्राम पंचायतों के कई वार्ड चुनाव प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा पिथौरा जनपद के खैरखुंटा, रेमड़ा, बगारदरहा, झगरेनडीह, बरेकेलखुर्द, खेड़ीगांव, बोईरलामी, परसदा, बरेकेल और सोनासिल्ली ग्राम पंचायतों में भी पंचायत उप चुनाव आयोजित किए जाएंगे।
बसना जनपद अंतर्गत पलसा पाली में सरपंच पद के लिए मतदान होगा, जबकि सलखण्ड, गुढ़ियारी, गिधली और कायतपाली में पंच पद हेतु चुनाव कराए जाएंगे। इसी प्रकार सरायपाली क्षेत्र के जोगनीपाली में सरपंच और अंतरझोला, रूढा एवं छिबर्रा पु. में पंच पदों के लिए उप निर्वाचन संपन्न होगा।

चुनाव प्रचार में लाउडस्पीकर के उपयोग पर सख्ती
चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार चुनावी सभाओं, प्रचार वाहनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर का उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का कहना है कि अत्यधिक ध्वनि से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और बुजुर्गों, मरीजों तथा आम नागरिकों को भी असुविधा होती है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत लंबे चोंगे वाले लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही चुनावी वाहनों और सभाओं में एक से अधिक लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति भी नहीं होगी। प्रशासन ने यह कदम ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है।
अनुमति लेना होगा अनिवार्य
यदि कोई प्रत्याशी या राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करना चाहता है, तो उसे पहले सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। तहसील मुख्यालय स्तर पर तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी तथा उप तहसील स्तर पर अतिरिक्त तहसीलदार या नायब तहसीलदार से अनुमति लेना अनिवार्य रहेगा।
इन स्थानों के 200 मीटर दायरे में रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसरों, शासकीय कार्यालयों, छात्रावासों, बैंक, डाकघर और दूरभाष केंद्रों के 200 मीटर दायरे में लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यह नियम चुनाव अवधि के दौरान सख्ती से लागू रहेगा।
शांतिपूर्ण चुनाव के लिए प्रशासन सतर्क
जिला प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों और नागरिकों से आदर्श आचरण संहिता का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पंचायत उप निर्वाचन 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार निगरानी करेगा।
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