महासमुंद में आयोजित समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में धान उठाव, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, एग्रीस्टेक पंजीयन, खाद वितरण व्यवस्था, सुशासन तिहार आवेदनों के निराकरण और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, विभागीय अधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।
धान उठाव में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में लंबित धान उठाव कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अभी लगभग 8500 मीट्रिक टन धान का उठाव शेष है। इस पर कलेक्टर ने शत-प्रतिशत धान उठाव सुनिश्चित करने और शेष 54 समितियों का भौतिक सत्यापन शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और धान खरीदी से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत एग्रीस्टेक पंजीयन पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के हितग्राहियों के एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने कृषि विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि शेष पात्र किसानों और संयुक्त खातेदार किसानों का भी जल्द से जल्द एग्रीस्टेक पंजीयन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प यात्रा के दौरान अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ समय पर मिल सके।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर किसानों को एग्रीस्टेक पोर्टल और पंजीयन प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाए।
खाद वितरण केवल पीओएस मशीन से करने के निर्देश
आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए बैठक में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और खाद का वितरण केवल पीओएस मशीन के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने खाद की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान समय में 13 हजार 673 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। साथ ही अधिकारियों को किसानों तक डीएपी के विकल्पों की जानकारी पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
सुशासन तिहार के आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश
सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार अब तक आयोजित 11 शिविरों में कुल 7 हजार 780 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2 हजार 215 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों को निर्धारित समय सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर भी दिए सख्त निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2024, 2025 और 2026 के अप्रारंभ आवासों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन हितग्राहियों ने अभी तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए समझाइश दी जाए।
इसके बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास योजना का लाभ मिलना चाहिए।
जल संचयन और शिक्षा व्यवस्था पर भी फोकस
कलेक्टर ने जल संचयन जनभागीदारी कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 57 हजार 335 जल संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। संबंधित विभागों को लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा राजस्व विभाग के विवादित और अविवादित प्रकरणों, स्वामित्व योजना तथा लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
आगामी शिक्षा सत्र को देखते हुए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर परीक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों के जल्द निराकरण पर भी जोर दिया गया।












