महासमुंद. गांजा परिवहन के मामले में आरोप दोष सिद्ध होने पर एनडीपीएस एक्ट के विशेष न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने ओडिशा कोरापुट जिला के बारनीपुट निवासी 24 वर्षीय संतोष दोरा पिता नकुल दोरा को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) (। । ) (ग) के तहत 15 वर्ष के सश्रम कारावास और डेढ़ लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर 1 वर्ष का सश्रम कारावास पृथक से भुगतना होगा। सजा सुनाते वक्त इस प्रकरण के एक अन्य आरोपी ओडिशा कोरापुट जिला के क्रश्चनपेटा वार्ड नंबर 5 बीजूराजा नगर जयपुर सदर निवासी 25 वर्षीय जय सिंग पिता जगबंधु अनुपस्थित रहा।
अभियोजन के अनुसार बागबाहरा थाना क्षेत्र में 31 जुलाई 20 को वाहन चेकिंग के दौरान पिथौरा चौक बागबाहरा के पास महिंद्रा मैक्स पिकअप क्रमांक एपी 31 टीटी 1911 में दोनों व्यक्ति खरियाररोड की तरफ से आ रहे थे। वाहन रोककर पूछताछ करने पर रायपुर मिर्च ले जाना बताया। शंका पर वाहन जांच की गई तो मिर्च की बोरियों के नीचे 15 सफेद प्लास्टिक की बोरियों में मादक पदार्थ गांजा पाया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने बताया कि गांजा जयपुर ओडिशा से ले जाकर रायपुर व आसपास बेचने जा रहे थे। 15 प्लास्टिक की बोरियों में 3 सौ किलो ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा मिला। बागबाहरा थाना द्वारा एनडीपीएस एक्ट का अपराध दर्ज कर विवेचना उपरांत मामला कोर्ट को सौंपा था। अभियोजन की ओर विशेष लोक अभियोजक नूतन साहू ने पैरवी की।
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