महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग, राजस्व प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। सरायपाली के झिलमिला चौक स्थित एक कथित अवैध क्लीनिक का निरीक्षण करने के बाद उसे सील कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अवधिपार दवाइयां और मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न चिकित्सकीय उपकरण भी बरामद किए गए। इस मामले में संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल पर शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल पर मिली शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरायपाली के झिलमिला चौक स्थित राकेश मेडिकल से संबद्ध क्लीनिक का संचालन विनायक पणिग्रही द्वारा कथित तौर पर बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री या आवश्यक प्रमाण-पत्र के किया जा रहा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आरके सिंह कुशवाहा के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित स्थान पर औचक निरीक्षण किया। जांच का उद्देश्य क्लीनिक के संचालन से जुड़े दस्तावेजों, चिकित्सकीय योग्यता और मरीजों के उपचार में इस्तेमाल की जा रही दवाइयों एवं उपकरणों की स्थिति की पड़ताल करना था।
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जांच में मिली एक्सपायरी दवाइयां, उपकरण भी बरामद
निरीक्षण के दौरान जांच दल ने क्लीनिक में मौजूद चिकित्सकीय अर्हता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। साथ ही उपचार में इस्तेमाल की जा रही दवाइयों और उपकरणों का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान अवधिपार यानी एक्सपायरी दवाइयां और उपचार में उपयोग होने वाले विभिन्न चिकित्सकीय उपकरण मिलने की जानकारी सामने आई।
जांच में सामने आए तथ्यों से स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल इसकी सूचना सीएमएचओ को दी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया।
राजस्व और पुलिस की मौजूदगी में क्लीनिक सील
स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM), सरायपाली के आदेश पर राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, हल्का पटवारी और पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
मौके पर पंचनामा तैयार करने के बाद संबंधित क्लीनिक को विधिवत सील कर दिया गया। मामले में नर्सिंग होम एक्ट सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आगामी कार्रवाई की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह कुशवाहा ने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का उपचार करना और एक्सपायरी दवाइयों का इस्तेमाल करना लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में इस तरह की अनियमितताओं को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की नजर
सरायपाली में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध क्लीनिकों के संचालन, चिकित्सकीय योग्यता और दवाइयों की वैधता को लेकर जांच का महत्व एक बार फिर सामने आया है। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही रोकने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संस्थानों के दस्तावेजों तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जांच आवश्यक है। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

