महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। जिले में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन से जुड़े छह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इन कार्यों की कुल लागत 204 करोड़ रुपये से अधिक है। इनमें से पांच सड़क परियोजनाओं पर निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि एक परियोजना के लिए स्वीकृति पत्र जारी किया जा चुका है।
इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से महासमुंद जिला मुख्यालय का संपर्क विभिन्न विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर होगा। साथ ही ओडिशा से आवागमन, ग्रामीण परिवहन और क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सड़क विकास के इन कार्यों से विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
महासमुंद में 6 प्रमुख सड़क परियोजनाओं पर काम
लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता नीता रामटेके के अनुसार, जिले में अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क अधोसंरचना के विकास पर काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रमुख मार्गों की क्षमता बढ़ाने, ग्रामीण संपर्क सुधारने और जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान बनाने का है।
1. महासमुंद-तुमगांव-अछोला मार्ग का होगा टू-लेन चौड़ीकरण
महासमुंद विकासखंड में महासमुंद-तुमगांव-अछोला मार्ग के 9.65 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 27.18 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस मार्ग को टू-लेन बनाने का काम फिलहाल जारी है।
यह सड़क जिला मुख्यालय को पिथौरा, बसना और सरायपाली जैसे प्रमुख विकासखंडों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चौड़ीकरण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को अधिक सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलने की उम्मीद है।
2. बरोंडा चौक-बम्हनी मार्ग पर 18.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे
महासमुंद शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बरोंडा चौक से बम्हनी मार्ग के 2.30 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना के लिए 18.29 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस सड़क का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसके माध्यम से कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला पंचायत कार्यालय सहित कई प्रमुख सरकारी संस्थानों तक पहुंच आसान होती है। फोरलेन चौड़ीकरण से शहरी यातायात का दबाव कम करने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
3. सांकरा-परसवानी सड़क से करीब 20 गांवों को फायदा
बसना विकासखंड में सांकरा-परसवानी मार्ग के 15.80 किलोमीटर हिस्से के निर्माण के लिए 28.47 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-53 से संपर्क स्थापित करने के साथ महासमुंद जिला मुख्यालय और ओडिशा की ओर आने-जाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क निर्माण पूरा होने पर आसपास के करीब 20 गांवों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, कृषि और व्यापार संबंधी गतिविधियों के लिए आवागमन में सहूलियत होगी।
4. पदमपुर-सरायपाली-सरसीवां मार्ग का होगा उन्नयन
सरायपाली विकासखंड में पदमपुर-सरायपाली-सरसीवां मार्ग के 14.60 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 24.48 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना पर भी काम जारी है।
ओडिशा से संपर्क के लिहाज से अहम इस सड़क के बेहतर होने से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को लाभ मिलने की संभावना है। सड़क की स्थिति में सुधार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
इसे भी पढ़ें – CG PWD Transfer Order: छत्तीसगढ़ PWD में 84 कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर तबादले, देखें List
5. बसना-भंवरपुर-सागरपाली सड़क पर 31.69 करोड़ की मंजूरी
बसना-भंवरपुर-सागरपाली मार्ग के 17.60 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 31.69 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस सड़क का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
यह मार्ग विभिन्न विकासखंडों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के साथ लगभग 25 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। सड़क उन्नयन से ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, शिक्षा, खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आवागमन में आसानी होगी।
6. बिहाझर-गांजर-रेवा मार्ग के लिए 74.15 करोड़ रुपये स्वीकृत
बागबाहरा विकासखंड की बिहाझर-गांजर-रेवा सड़क परियोजना इस सूची की सबसे अधिक लागत वाली परियोजना है। इसके 25.90 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 74.15 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इस कार्य के लिए स्वीकृति पत्र जारी किया जा चुका है।
यह मार्ग ओडिशा से संपर्क स्थापित करने के साथ प्रसिद्ध धार्मिक एवं तीर्थ स्थल नरसिंहनाथ तक पहुंचने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सड़क के उन्नयन से इस क्षेत्र में आवागमन अधिक सुविधाजनक होने और यात्रा दूरी कम होने की उम्मीद जताई गई है।
इसके अलावा, इस मार्ग से करीब 45 गांवों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण संपर्क, कृषि गतिविधियों और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी से लेकर शहरी यातायात तक होगा सुधार
महासमुंद जिले में स्वीकृत इन छह सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य केवल सड़कों का निर्माण करना नहीं, बल्कि जिले की परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाना भी है। प्रमुख जिला मार्गों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से ग्रामीण इलाकों को शहरों से जोड़ने, अंतरराज्यीय संपर्क सुधारने और जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
बेहतर सड़क नेटवर्क का लाभ किसानों को अपनी उपज के परिवहन में, व्यापारियों को कारोबार संबंधी गतिविधियों में और विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में मिल सकता है। वहीं, महासमुंद शहर में फोरलेन सड़क निर्माण से प्रमुख सरकारी कार्यालयों तक पहुंच और स्थानीय यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सड़क अधोसंरचना के विकास को लेकर जारी प्रयासों के बीच महासमुंद की ये परियोजनाएं जिले की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालांकि, इन कार्यों का वास्तविक लाभ निर्माण पूरा होने और सड़कें आवागमन के लिए उपलब्ध होने के बाद सामने आएगा। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

