महासमुंद. खैर लकड़ी के अवैध कारोबार को लेकर प्रतिस्पर्धा के चलते हुई मारपीट के मामले में महासमुंद पुलिस ने एक आरोपी को हरिद्वार उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी संजय छापरिया से पूछताछ के आधार पर बरगढ़ (ओडिशा) स्थित उसके आवास से 45 लाख रुपए तथा सहयोगी (टैक्स कंसल्टेंट) के घर से 15 लाख रुपए (कुल 60 लाख रुपए) बरामद किया है। इस प्रकरण में अब तक कुल 09 वाहन कुल अनुमानित कीमत 01 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि जिला पुलिस महासमुंद द्वारा अवैध गतिविधियों, वनोपज के अवैध परिवहन एवं धोखाधड़ी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी (23,350 किग्रा) के अवैध परिवहन हेतु प्रयुक्त एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना कर असल रूप में उपयोग करने और धोखाधड़ी के मामले में थाना पिथौरा में दिनांक 09.07.2026 को अपराध क्रमांक 172/2026 पंजीबद्ध किया गया है। यह प्रकरण धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 बी.एन.एस. व 25 आर्म्स एक्ट एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1) सहपठित धारा 41(2)(ख)(ग)(घ), धारा 52(1) के तहत दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
प्रकरण के आरोपियों मनीष अग्रवाल, संजय छापारिया से संबंधित एक अन्य घटनाक्रम में, खैर लकड़ी के अवैध कारोबार के प्रतिस्पर्धा में सरायपाली निवासी एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के संबंध में थाना सिंघोड़ा जिला महासमुंद में दर्ज अपराध क्रमांक 87/2026 (धारा 109(1), 3(5), 189, 190, 351, 126, 127 बीएनएस एवं 25 आर्म्स एक्ट) में फरार आरोपी संजय छापरिया को महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा दिनांक 18 अक्टूबर को हरिद्वार (उत्तराखंड) से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी को वैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत माननीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर महासमुंद लाया गया।
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पुलिस अभिरक्षा में आरोपी संजय छापरिया से की गई पूछताछ एवं मेमोरेंडम कथन के आधार पर महासमुंद पुलिस टीम द्वारा ओडिशा के जिला बरगढ़ में दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी संजय छापरिया के बरगढ़ स्थित आवास से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित 45,00,000 रुपए नगद बरामद कर जब्त किए गए। इसके साथ ही, आरोपी संजय छापरिया द्वारा अपने सहयोगी एवं टैक्स कंसल्टेंट निवासी बरगढ़ के पास रखने हेतु दिए गए 15,00,000 रुपए को भी 22 अक्टूबर को विधिवत जब्त किया गया।
इसके अतिरिक्त, विवेचना के दौरान महासमुंद पुलिस की टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश में आरोपी मनीष अग्रवाल एवं संजय छापरिया को अवैध खैर लकड़ी को खपाने (व्ययन) में सहायता करने वाले विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई। पूर्व में हिमाचल प्रदेश के ठिकानों से तस्करी से अर्जित अवैध रकम 1,70,00,000 रुपए नकद बरामद कर जप्त किए गए थे। इसी तारतम्य में हिमाचल प्रदेश में ही एक अन्य स्थान पर दबिश देकर 35,00,000 रुपए नगद और बरामद कर विधिवत जब्त किए गए हैं।
इस प्रकार, महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक इस प्रकरण में आरोपी मनीष अग्रवाल, संजय छापरिया एवं उनके सहयोगियों के विभिन्न ठिकानों से अवैध खैर लकड़ी के कारोबार से अर्जित कुल 3,61,52,880/- रुपए की नकदी रकम जब्त की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि महासमुंद पुलिस द्वारा अब तक इस अंतरराज्यीय संगठित गिरोह के विभिन्न राज्यों—ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश स्थित ठिकानों में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी भी जब्त की जा चुकी है। इसके साथ ही, विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा कुल 09 वाहन जप्त किए गए हैं। जप्त वाहनों के प्रकार के अनुसार प्रकरण में कुल 05 भारी मालवाहक वाहन (जिनमें 04 ट्रक एवं 01 डंपर शामिल हैं), 03 कार (जिनमें 01 हुंडई क्रेटा कार, 01 महिंद्रा एक्सयूवी 500 एवं 01 डस्टर कार शामिल हैं) तथा 01 मालवाहक पिकअप वाहन जब्त किया गया है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 01 करोड़ रुपए है। अवैध नगदी रकम (3,61,52,880/- रुपए) की विधिवत कुर्की एवं आरोपियों को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभों से वंचित करने हेतु भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रकरण में महासमुंद पुलिस की कार्रवाई एवं विवेचना निरंतर जारी है। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

