PM Kisan 24th Installment: महासमुंद के 1.26 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 25.45 करोड़ रुपये, पीएम मोदी ने जारी की किसान सम्मान निधि की किस्त

Join WhatsApp Group

Must read

Babapost
Babaposthttps://www.babapost.in
हम पाठकों को देश में हो रही घटनाओं से अवगत कराते हैं। इस वेब पोर्टल में आपको दैनिक समाचार, ऑटो जगत के समाचार, मनोरंजन संबंधी खबर, राशिफल, धर्म-कर्म से जुड़ी पुख्ता सूचना उपलब्ध कराई जाती है। babapost.in खबरों में स्वच्छता के नियमों का पालन करता है। इस वेब पोर्टल पर भ्रामक, अपुष्ट, सनसनी फैलाने वाली खबरों के प्रकाशन नहीं किया जाता है।

महासमुंद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के लाभार्थी किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इस योजना के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,680 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। वहीं, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भी हजारों किसानों को इसका लाभ मिला है। जिले के कुल 1,26,624 किसानों के खातों में 25.45 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई।

महासमुंद में आयोजित हुआ पीएम किसान उत्सव दिवस

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर महासमुंद में पीएम किसान उत्सव दिवस का आयोजन किया गया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर (जुगनू) चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके अलावा जनपद पंचायत महासमुंद की उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि टिकेश्वर सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

किसानों को पानी और बिजली का सही उपयोग करने की सलाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर (जुगनू) चंद्राकर ने किसानों से बिजली और पानी का उपयोग जरूरत के अनुसार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती में प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद जरूरी है। वहीं, जनपद पंचायत महासमुंद की उपाध्यक्ष हुलसी चंद्राकर ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने रबी सीजन में दलहन और तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि किसान अपनी आमदनी के नए विकल्प तैयार कर सकें।

इसे भी पढ़ें – PM Kisan Samman Nidhi 24th Installment: जारी होगी 24वीं किस्त, किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपये; जानिए पूरी डिटेल

धान की जगह दूसरी फसल लगाने पर मिलेंगे 15 हजार रुपये

इस अवसर पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने किसानों को फसल विविधीकरण के फायदे बताते हुए शासन की प्रोत्साहन योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और लघु धान्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

योजना के तहत पात्र किसानों को प्रथम वर्ष में 15,000 रुपये प्रति एकड़ और दूसरे वर्ष में 10,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

कलेक्टर ने किसानों से खेती में पानी की बचत करने, कृषि लागत कम करने और वैकल्पिक फसलों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर संरक्षण भी किया जा सकता है।

दलहन और तिलहन की MSP पर होगी खरीदी, जानिए समर्थन मूल्य

कार्यक्रम में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत जिले में दलहन और तिलहन फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी की जानकारी भी साझा की।

निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य इस प्रकार हैं:

  • अरहर: 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।
  • मूंग: 8,780 रुपये प्रति क्विंटल।
  • उड़द: 8,200 रुपये प्रति क्विंटल।
  • मूंगफली: 7,517 रुपये प्रति क्विंटल।

महासमुंद जिले में बनाए गए खरीदी केंद्र

किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर समर्थन मूल्य पर खरीदी के केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  1. कृषि उपज मंडी परिसर, पिटियाझर, महासमुंद।
  2. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, सिर्री-पठारीमुड़ा, बागबाहरा।
  3. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, पिथौरा।
  4. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, भंवरपुर, बसना।
  5. कृषि उपज मंडी परिसर, सरायपाली।

इन केंद्रों के माध्यम से निर्धारित व्यवस्था के तहत किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जाएगी।

किसानों को आधुनिक खेती और मृदा स्वास्थ्य की दी गई जानकारी

पीएम किसान उत्सव दिवस के दौरान किसानों को बेहतर कृषि उत्पादन के लिए कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कृषि विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य, फसल अवशेष प्रबंधन, जैविक खाद के उपयोग और उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया।

इसके साथ ही दलहन, तिलहन और मोटे अनाज यानी लघु धान्य फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके भी समझाए।

कार्यक्रम केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महासमुंद जिले के सभी विकासखंडों में भी पीएम किसान उत्सव दिवस आयोजित किया गया।

इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र भलेसर के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आर.एल. शर्मा, डॉ. साकेत दुबे, डॉ. कुणाल चंद्राकर, डॉ. रविश केशरी, डिप्रोशन, डॉ. शिल्पा लकरा, डॉ. समरथ बघेल, डॉ. पुनिथा कार्तिकेयन, प्रक्षेत्र प्रबंधक कमलकांत लोधी और कृषि विभाग के उप संचालक एफ.आर. कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टर शुरू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान निर्यात को बढ़ावा देने और अधिक मूल्य वाली बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टरों का शुभारंभ भी किया।

इसके अलावा पशुधन की नस्ल सुधार, अनुसंधान, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि, मधुमक्खी पालन और आलू प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।

इन पहलों का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ आय के अन्य स्रोतों से जोड़ना, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

More articles

Read Now