महासमुंद. जिले में ग्रामीण विकास योजनाओं को गति देने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) अनुपमा आनंद ने महासमुंद जनपद पंचायत की विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाभियान (पीएम जनमन) के तहत बनाए जा रहे आवासों के साथ जल संरक्षण से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत मोंगरा से हुई। यहां जिला पंचायत CEO अनुपमा आनंद ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत चल रहे आवास निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण की स्थिति और कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इसके साथ ही वीबी-जी राम जी योजना के तहत कराए जा रहे समोच्च खंती निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया।
चार ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण
CEO अनुपमा आनंद ने ग्राम पंचायत मोंगरा के अलावा बोरियाझर, कोसरंगी और कनेकेरा में भी समोच्च खंती निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण के इन कार्यों को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि समोच्च खंती निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षा जल के संचयन और भूजल स्तर में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए निर्माण कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर जिला पंचायत CEO ने तकनीकी सहायकों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी अमला मौके पर पहुंचकर निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मापदंडों के पालन की जांच करे।
यदि कार्यों के दौरान किसी तरह की तकनीकी या अन्य समस्या सामने आती है, तो उसका समय रहते समाधान किया जाए, ताकि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरे हो सकें।
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NMMS से श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की जांच
निरीक्षण के दौरान श्रमिकों की उपस्थिति व्यवस्था भी जांच के दायरे में रही। CEO ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) के माध्यम से मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया।
उन्होंने रोजगार सहायकों और संबंधित मैदानी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति नियमानुसार NMMS ऐप के माध्यम से दर्ज की जाए। साथ ही, हाजिरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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अनुपमा आनंद ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं को सफल बनाने के लिए नियमित निगरानी, पारदर्शी कार्यप्रणाली और समय पर निर्माण कार्य पूरा करना जरूरी है। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंच सके।
इस निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत CEO पंचराम धृतलहरे, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

