रायपुर. छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस स्थानांतरण सूची में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) से लेकर अभियंता और विभिन्न विभागीय पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। विभाग के इस फैसले से प्रदेश के कई नगरीय निकायों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव होगा।
जारी आदेश के अनुसार, कुल 100 अधिकारियों-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें सबसे अधिक 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) और 24 अभियंता शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न शाखाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी नई पदस्थापना दी गई है।
100 तबादलों में किन अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम शामिल?
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश में अलग-अलग पदों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया गया है। पदवार संख्या इस प्रकार है:
- 53 मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO)
- 24 अभियंता
- 5 लेखापाल
- 4 स्वास्थ्य निरीक्षक
- 4 भृत्य
- 3 कैशियर
- 3 सहायक ग्रेड-3
- 1 स्टेनोग्राफर
- 1 सहायक राजस्व निरीक्षक
- 1 कम्प्यूटर ऑपरेटर
- 1 वाहन चालक
इस तरह प्रदेश के नगरीय निकायों में कामकाज को लेकर व्यापक स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं।
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तीन CMO को निलंबन से बहाल कर मिली नई जिम्मेदारी
इस तबादला आदेश में तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बहाली भी महत्वपूर्ण है। विभाग ने विकास पाटले, विष्णु प्रसाद यादव और जफर खान को विभागीय जांच जारी रखते हुए निलंबन से बहाल किया है। बहाली के साथ ही तीनों अधिकारियों को अलग-अलग नगरीय निकायों में नई पदस्थापना दी गई है।
आदेश के मुताबिक नई जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं:
- विकास पाटले: मुख्य नगर पालिका अधिकारी, दल्ली राजहरा नगर पालिका।
- विष्णु प्रसाद यादव: मुख्य नगर पालिका अधिकारी, वाड्रफनगर नगर पंचायत।
- जफर खान: मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बिलाईगढ़ नगर पंचायत।
विभागीय जांच रहेगी जारी, बाद में होगा निलंबन अवधि का निराकरण
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों अधिकारियों को निलंबन से बहाल किए जाने के बावजूद उनके विरुद्ध चल रही विभागीय जांच समाप्त नहीं होगी। जांच की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी।
वहीं, संबंधित अधिकारियों की निलंबन अवधि का निराकरण उनके विरुद्ध प्रचलित विभागीय जांच के गुण-दोषों के आधार पर अलग से किया जाएगा।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्य व्यवस्था और जिम्मेदारियों के पुनर्निर्धारण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अब नई पदस्थापना के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी संभालनी होगी। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

