महासमुंद. हत्या के मामले में आरोप दोष सिद्ध होने पर सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत पिथौरा थाना क्षेत्र के ग्राम लामीडीह निवासी 24 वर्षीय रामेश्वर सोनवानी पिता केजरूराम सोनवानी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 5 सौ रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार पटेवा थाना में सुखराम यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 जनवरी 2025 को उसके पुत्र शिवा सेकेण्ड मोटरसाइकिल से घूमने जा रहा हूं कह कर निकला था, जो वापस नही आया। 19 जनवरी को रात्रि करीब साढ़े 8 बजे वह अपने घर में था, तभी उसकी बेटी धनेश्वरी यादव ने बताया कि मोबाइल में एक लड़के का फोटो आया है जो भाई शिवा यादव जैसे दिख रहा है, उसकी हत्या हो गई है। इस पर वह अपनी बेटी तथा भाई तेजराम यादव, सेवकराम यादव, सरपंच प्रतिनिधि किशोर यादव के साथ ग्राम बरेकेलकला पहुंचा, जहां पुलिस वालों ने खुले मैदान से लगे हुए एक मकान के पीछे मिले शव को देखकर पहचानने कहा। वह उसका पुत्र शिवा यादव था जिसके चेहरे, सिर, गले में बहुत ज्यादा चोंट के निशान थे। घटनास्थल पर मोटरसाइकिल और मृतक का मोबाइल नहीं था। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया।
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विवेचना के दौरान शक के आधार पर रामेश्वर सोनवानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हुआ। आरोपी ने विवाद के बाद हत्या करने के साथ ही प्रयुक्त धारदार चाकू, रास्ते में कहीं पर फेंक दिया था। किंतु, मृतक का मोटरसाइकिल और मोबाइल रायपुर के घर ले गया। उसके कब्जे से मृतक का पुराना मोटर साइकिल और मोबाइल बरामद होने के साथ ही आरोपी के लाल-सफेद रंग के जैकेट, मफलर और जूते में खून लगा था। जिसके आधार पर न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संजय गिरि ने पैरवी की। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

