नई दिल्ली. बंगाल की खाड़ी में उठा मौसमी हलचल का दौर अब एक भीषण प्राकृतिक संकट में बदल चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) अब एक ‘अति गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) का रूप ले चुका है। यह खतरनाक तूफान बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम हिस्से में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके आज रात से कल सुबह के बीच तटीय इलाकों से टकराने की पूरी संभावना है।
चक्रवात ‘मुरासु’ का रूट और लैंडफॉल का समय
IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, यह चक्रवात पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।
- वर्तमान स्थिति: यह तूफान 13.6° उत्तरी अक्षांश और 82.5° पूर्वी देशांतर के पास केंद्रित है। यह चेन्नई से लगभग 260 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, नेल्लोर से 290 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापत्तनम से 470 किमी दक्षिण में स्थित है।
- लैंडफॉल (तट से टकराने का समय): मौसम विभाग का अनुमान है कि यह चक्रवात 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट (ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच) से टकराएगा।
- हवा की रफ्तार: लैंडफॉल के दौरान हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा से लेकर 120 किमी प्रति घंटे तक के तूफानी झोंकों के साथ चल सकती है।
आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट: सीएम चंद्रबाबू नायडू ने रद्द किया दिल्ली दौरा
आंध्र प्रदेश पर मंडराते इस गंभीर खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को आपातकालीन उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने संभावित बारिश, हवा के रुख और जलाशयों की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपना सोमवार का दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है।
अत्यधिक भारी बारिश की आशंका वाले जिले और मंडल
प्रशासन के अनुसार, 3 नवंबर को कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है:
- एलुरु: औसत बारिश लगभग 179 मिमी (9 मंडलों में भारी खतरा)
- कृष्णा: औसत बारिश लगभग 163 मिमी (5 मंडल)
- एनटीआर जिला: औसत बारिश लगभग 161 मिमी (5 मंडल)
- पश्चिम गोदावरी: औसत बारिश लगभग 147 मिमी
- गुंटूर और बापटला: क्रमशः 119 मिमी और 104 मिमी बारिश की उम्मीद।
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तमिलनाडु, तेलंगाना और ओडिशा में सुरक्षा के इंतजाम
चक्रवात ‘मुरासु’ के प्रभाव से पड़ोसी राज्यों में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:
1. तमिलनाडु और राजधानी चेन्नई
क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, चेन्नई और तिरुवल्लुर में 2 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिसके चलते स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट और नीलगिरी में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
2. तेलंगाना में ऑरेंज और येलो अलर्ट
IMD ने तेलंगाना के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। खम्मम, नलगोंडा, सूर्यपेट, महबूबनगर, नागरकुर्नूल और वानपर्थी जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा हैदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल-मलकाजगिरी में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
3. ओडिशा में तैयारियां तेज
भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि राज्य के दक्षिणी जिलों में 2 से 4 नवंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
नोट: गौर करने वाली बात है कि हाल ही में ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट से पिछला चक्रवात ‘अरनाब’ टकराया था, जिसमें हवा की रफ्तार 150 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई थी। ऐसे में प्रशासन किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं है और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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