महासमुंद. साइबर फ्रॉड की रकम को च्वाइस सेंटर संचालकों के खाते में जमा कराने के मामले में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध सिटी कोतवाली में जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
रायपुर रोड एचडीएफसी बैंक के पास पूनम च्वाइस सेंटर के संचालक मोहनलाल देवांगन पिता प्रेमशंकर देवांगन (42 वर्ष) ने पुलिस को बताया कि 15.09. 2026 को दोपहर करीबन 03 से 03:30 बजे के मध्य ब्लू कलर के एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 एमएच 4061 में सवार एक व्यक्त्ति उसके सेंटर में आया और कहा आपके क्यूआर कोड में पैसा डलवाउंगा, जिसके बदले में कैश अमाउंट दे देना। इसके बाद उक्त व्यक्ति ने क्यूआर कोड का फोटो अपने मोबाइल में लेकर किसी अन्य व्यक्ति को दिया, उसके बाद उक्त व्यक्ति के द्वारा मेरे खाते में कुल 11,700 रू व 30,000 रू कुल 41700 रुपए ट्रांसफर किए और नगद रकम लेकर चला गया।
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दूसरे दिन 16.09.2026 को च्वाइस सेंटर संचालक के बैंक खाता में होल्ड लग गया, जब उसने बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि उसके दोनों बैंक अकाउंट में पेनकार्ड नंबर लिंक होने से दोनों खातों को होल्ड लग गया है। उसके कुछ दिन बाद प्रार्थी को पता चला कि महासमुंद जिले के बिरकोनी निवासी त्रिलोक कुमार दीवान, तुमगांव निवासी रामसिंग सेवई, खैरझिटी निवासी चेतन कुमार गायकवाड के साथ भी उसी व्यक्ति के द्वारा धोखाधड़ी किया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य लोगों के साथ भी इसी प्रकार से धोखाधडी कर नगदी रकम लेकर साइबर फ्रॉड की रकम को च्वाइस सेंटरों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया गया, जिससे उनका भी बैंक अकाउंट होल्ड हो गया है। मामले की रिपोर्ट पर उक्त अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध धारा 317(4), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
बिरकोनी के च्वाइस सेंटर संचालक से भी धोखाधड़ी
इसी प्रकार दूसरे मामले में त्रिलोक कुमार दीवान पिता रिखीराम दीवान (36 वर्ष) ग्राम बिरकोनी ने पुलिस को बताया कि वह बिरकोनी छत्तीसगढ़ कपड़ा के बाजू में दीवान डिजिटल सेवा केंद्र का संचालक है।
29.09.2026 की दोपहर करीबन 01:43 बजे ब्लू कलर के एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 04 एमएच 4061 में सवार एक व्यक्ति मेरे सेंटर में आया और कहा कि अपने मालिक से पैसा मंगवा रहा हूं, मेरे खाते में लोन का पैसा कट जाएगा, इसलिए मैं अपने खाते में नहीं डलवा रहा हूं कहकर च्वाइस सेंटर के क्यूआर कोड का फोटो अपने मोबाइल में खींचकर किसी दूसरे व्यक्ति को भेजा। लेकिन उसमें पैसा ट्रांसफर नहीं होन पर मोबाइल नंबर मांगा और उसे अन्य व्यक्ति को भेजा।
कुछ समय बाद उक्त व्यक्ति के द्वारा 16,000 रुपए भेजा गया। इसके बाद वह व्यक्ति प्रार्थी से नगद रकम लेकर चला गया। दूसरे दिन 30.09.2026 को उसके आईडीएफएसी फर्स्ट बैंक व एसबीआई खातों में होल्ड लग गया। बैंक जाकर पूछताछ करने पर पता चला कि उसके खाता में फ्रॉड की रकम आने से खाता होल्ड कर दिया गया है। मामले की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 317(4), 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है। babapost.in पर पढ़ें ज्योतिष से संबंधित लेख।

