वनवासियों की आय बढ़ाने का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – तेंदूपत्ता का रिकॉर्ड मूल्य देकर सरकार ने बदला जीवन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाना और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में छत्तीसगढ़ राज्य लघु

Written by: Admin

Published on: November 19, 2025

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासियों की आय बढ़ाना और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वे आज रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज सभागार में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूप साय सलाम और उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने नए पदभार के लिए दोनों पदाधिकारियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह दायित्व वनवासी समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रूप साय सलाम स्वयं जनजातीय समुदाय से जुड़े होने के कारण समुदाय की समस्याओं और आवश्यकताओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार वनोपजों के वैल्यू एडिशन, बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

तेंदूपत्ता का देश में सर्वाधिक मूल्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को सर्वाधिक मूल्य देकर छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है। तेंदूपत्ता का मानक बोरा मूल्य 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया गया, जिससे लाखों वनवासी परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता को ‘हरा सोना’ कहा जाता है और अब इसका मूल्य उसी सम्मान के अनुरूप तय किया गया है।

जनजातीय कल्याण योजनाओं से तेजी से बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और केंद्र में अलग जनजातीय मंत्रालय की स्थापना की। वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकल्प को आगे बढ़ाते हुए ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना’ और ‘पीएम जनमन योजना’ लागू की, जिनसे जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिवर्तन हो रहा है।

वनोपज संग्राहकों के जीवन स्तर में सुधार

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य की 32% आबादी जनजातीय है और 44% क्षेत्र वनाच्छादित है, इसलिए वनोपज ही वनवासियों की आजीविका का प्रमुख आधार है। उन्होंने बताया कि चरण पादुका योजना का पुनः आरंभ तथा कई नई योजनाओं के माध्यम से वनोपज संग्राहक परिवारों को आर्थिक सहायता और सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, वक्फ बोर्ड चेयरमैन डॉ. सलीम राज, छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड अध्यक्ष विकास मरकाम, वनबल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव समेत बड़ी संख्या में वनोपज संग्राहक शामिल हुए।

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