धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। भारी बारिश के चलते जिले की प्रमुख नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए गए हैं।
गंगरेल बांध से फिलहाल कुल 4,670 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें 3,360 क्यूसेक पानी सीधे महानदी में प्रवाहित हो रहा है, जबकि 1,410 क्यूसेक पानी रुद्री बैराज के जरिए मुख्य नहर में छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश की संभावना के बीच महानदी के जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है। इसे देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है।

गंगरेल बांध के तीन गेट खोले गए
लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया से जलाशय में हो रही भारी पानी की आवक को देखते हुए गंगरेल बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन के निर्देश पर बांध के तीन गेट खोले गए हैं।
गंगरेल से कितना पानी छोड़ा जा रहा है?
| जलप्रवाह | पानी की मात्रा |
|---|---|
| गंगरेल बांध से कुल डिस्चार्ज | 4,670 क्यूसेक |
| महानदी में प्रवाह | 3,360 क्यूसेक |
| रुद्री बैराज से मुख्य नहर में | 1,410 क्यूसेक |
इस जलप्रवाह का उद्देश्य जलाशय में बढ़ते पानी के दबाव को नियंत्रित करना है।
लबालब हुए धमतरी के प्रमुख जलाशय
धमतरी जिले के प्रमुख जलाशयों में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मुरूमसिल्ली जलाशय अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुका है, जबकि गंगरेल में भी भारी आवक बनी हुई है।
| जलाशय | भराव स्तर | पानी की आवक |
|---|---|---|
| मुरूमसिल्ली | 98.61% | 362 क्यूसेक |
| गंगरेल | 97.40% | 3,365 क्यूसेक |
| दुधावा | 86.86% | 437 क्यूसेक |
| सोंढूर | 69.25% | 167 क्यूसेक |
इन जलाशयों में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महानदी में पानी का प्रवाह बढ़ाया गया है।
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महानदी तटीय गांवों में हाई अलर्ट
महानदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में बसे गांवों को सतर्क कर दिया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तटीय गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान किया जा रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।
24 घंटे अलर्ट मोड पर प्रशासन
बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए धमतरी कलेक्टर ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से की ये अपील
- नदी और नालों के आसपास जाने से बचें।
- जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करें।
- उफनती नदी या नाले को पार करने का जोखिम न उठाएं।
- तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें।
- केवल अधिकृत प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
आगे भी बारिश से बढ़ सकती है मुश्किल
मौसम विभाग द्वारा आगे भी बारिश की संभावना जताए जाने के कारण धमतरी जिले में जलस्तर को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश और कैचमेंट क्षेत्रों से पानी की आवक बनी रहने पर महानदी समेत अन्य जलस्रोतों का जलस्तर और बढ़ सकता है।
ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
एक नजर में बड़ी बातें
स्थान: धमतरी, छत्तीसगढ़
स्थिति: लगातार मूसलाधार बारिश
अलर्ट: महानदी तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट
गंगरेल: 3 गेट खुले
कुल डिस्चार्ज: 4,670 क्यूसेक
महानदी में प्रवाह: 3,360 क्यूसेक
मुख्य नहर में प्रवाह: 1,410 क्यूसेक
सबसे अधिक भरा जलाशय: मुरूमसिल्ली – 98.61%










