चावल वितरण में अनियमितता होने पर होगी कड़ी कार्रवाई – कलेक्टर

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महासमुंद. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विकसित कृषि संकल्प यात्रा की प्रगति एवं एकमुश्त चावल वितरण, एक पेड़ मां के नाम 2.0 अभियान, मोर गांव मोर पानी अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।

बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों के अतिशीघ्र निराकरण हेतु सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर रवि साहू एवं रविराज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में कलेक्टर लंगेह ने निर्देश देते हुए कहा कि “विकसित कृषि संकल्प यात्रा“ राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी देना है। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसान योजनाओं का लाभ लें और उनकी आय में वास्तविक वृद्धि हो। इसके लिए फील्ड स्तर पर सफल किसानों से उनके अनुभव साझा किया जाए। ताकि अन्य किसान भी उनसे प्रेरित हो सके और उन्नत कृषि को अपना सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसानों को प्राकृतिक खेती, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, बीज उपचार और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाए। राजस्व विभाग की समीक्षा में राजस्व वसूली प्रकरणों में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से वसूली की कार्रवाई करते रहें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों सहित कोविड जेएन-1 वेरिएंट से सतर्क रहने हेतु अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।

कलेक्टर लंगेह ने जून माह में चावल का एकमुश्त वितरण प्रक्रिया पर खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि 30 जून तक 3 माह (जून, जुलाई एवं अगस्त) का चावल वितरण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि चावल के वितरण में अनियमितता या व्यपवर्तन की स्थिति में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भंडारण के लिए अनुविभागीय अधिकारी विशेष ध्यान दें एवं सुरक्षित स्थानों का चयन करके समुचित भण्डारण करें।

कलेक्टर ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह अभियान 5 जून से 30 सितंबर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, अमृत सरोवर, तालाबों, प्रधानमंत्री आवासों के आसपास एवं माइनिंग क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाया जाना है। उन्होंने अभियान में अंतर्विभागीय समन्वय एवं नागरिक सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग आवश्यकतानुसार मांग पत्र वन विभाग को भेजें।

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत सभी जनपदों के तकनीकी सहायकों को कम से कम 25 जल संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव देने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही जनभागीदार की सहायता से सभी प्रधानमंत्री आवास, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केन्द्रों, पंचायतों, छात्रावासों और स्कूलों में सोख्ता गड्ढा अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए हैं। बरसात को ध्यान में रखते हुए पीएचई विभाग को पेयजल टंकियों में क्लोरिनेशन और स्वच्छता सुनिश्चित करने तथा पाइप लाइन में किसी भी प्रकार की लीकेज न हो, इसका प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया। इस दौरान पीएचई विभाग द्वारा बताया गया कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और खेतों के समीप स्थित खुले बोरवेलों को चिन्हित कर बंद कराया जा रहा है।

इस दौरान कलेक्टर ने राजस्व विभाग, स्वामित्व योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा की। साथ ही आवारा पशुओं को मुख्य मार्ग से हटाने के निर्देश दिए गए। सभी सीएमओ को नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने कहा गया। बैठक में पीएम जनमन योजना के तहत पात्र हितग्राहियों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, जॉब कार्ड एवं केसीसी कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक 4 जून को

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