व्याख्याता पदोन्नति को लेकर डीपीआई के अधिकारियों से मिला एसोसिएशन
महासमुंद. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा की अगुवाई में एवं प्रांतीय संयोजक सुधीर प्रधान, जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी, जिला सचिव नंदकुमार साहू, जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा, भोपाल बंजारा, विजय दीवान के नेतृत्व में सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय से मुलाकात करके एवं ज्ञापन सौंपकर 12 वर्षों से लंबित प्राचार्य पदोन्नति सम्पन्न कराने के लिए धन्यवाद देते हुए सभी संवर्ग के शेष पदोन्नति प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने, टीईटी अनिवार्यता के निर्णय के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर करने, पेंशन एवं क्रमोन्नति संबंधी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण करने का ज्ञापन सौंपा।
चर्चा में उप संचालक लोक शिक्षण आशुतोष चावरे व उप संचालक ए.एन बंजारा, सहायक संचालक एच.सी. दिलावर, सहायक संचालक ए.डी. कुर्रे, ने कहा कि अभी प्राथमिकता से प्राचार्य के रिक्त पदों पर पदोन्नति करने, व्याख्याता पदोन्नति व रायपुर संभाग में प्रधान पाठक पदोन्नति पर कार्ययोजना बनाया जा रहा है, टीईटी के विषय मे शिक्षक घबराएं नहीं बल्कि उनके हित में ही विभाग है, अभी जल्दबाजी की बात नही है। अन्य सभी मांग पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि –
- शेष रिक्त प्राचार्य के पदों पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए।
- प्राचार्य के 10 % पदों पर विभागीय परीक्षा आयोजित किया जाए।
- व्याख्याता ई संवर्ग के पदों पर पदोन्नति लंबित है, रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया अविलम्ब पूर्ण की जाए।
- प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक), शिक्षक तथा प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) के सभी जिले के रिक्त पदों पर कलेंडर तय कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने निर्देश जारी की जाए।
- टीईटी अनिवार्यता के संबंध में मांग किया गया है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1 सितम्बर 2025 को पारित निर्णय जिसमें 5 वर्ष अधिक से सेवा वाले शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 को जारी छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य नहीं था, अतः माननीय सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर कर 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा करने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आवश्यक पहल किया जाए।
- पेंशन एवं क्रमोन्नति संबंधी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई है जिसमें एल बी संवर्ग के शिक्षकों की पूर्व सेवा गणना करते हुए प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन निर्धारण, 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन व क्रमोन्नति / समयमान का जनरल आर्डर जारी करने हेतु मांग पत्र दिया गया, माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक WA/261/2024 में डबल बैंच द्वारा पारित निर्णय दिनांक 28/02/2024 के तहत सभी पात्र एल बी संवर्ग के शिक्षको के लिए क्रमोन्नति/समयमान का जनरल आर्डर जारी करने मांग किया गया।
- रायपुर संभाग में पूर्व माध्यमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर एक भी बार पदोन्नति नहीं होने का उल्लेख करते हुए मांग रखा गया है कि छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा वन टाइम रिलेक्सेशन के तहत शिक्षक एलबी ई संवर्ग की पदोन्नति माध्यमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर प्रदेश के अन्य चार संभागों में सत्र 2021- 22 से 2-3 चरण में किया जा चुका है व आजपर्यंत किया जा रहा है, किंतु रायपुर संभाग में शिक्षक ई संवर्ग की पदोन्नति लंबित है।
- एसोसिएशन ने प्रधान पाठक ई संवर्ग की पदोन्नति शीघ्र करने की मांग की।
उक्ताशय की जानकारी जिला सचिव नंदकुमार साहू एवं जिला मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने दी।
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