महासमुंद जिले के बसना अनुविभाग में सुशासन तिहार के दौरान प्रशासन की ओर से एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरिशंकर पैकरा, तहसीलदार के.के. साहू और जनपद पंचायत सीईओ पीयूष ठाकुर सहित 23 अधिकारी-कर्मचारियों की टीम ने ग्राम नगौड़ी में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में शामिल होने के लिए सामूहिक बस यात्रा की।
यह पहल केवल एक सरकारी यात्रा नहीं थी, बल्कि ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी कार्यों में मितव्ययिता का मजबूत संदेश भी बनकर सामने आई। वर्तमान समय में बढ़ती ईंधन कीमतों और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच बसना प्रशासन का यह कदम आम लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देने की अपील को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस सामूहिक यात्रा को अपनाया। खास बात यह रही कि महासमुंद कलेक्टर विनय लंगेह ने हाल ही में समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों को सरकारी कार्यों में अनावश्यक खर्च कम करने और मितव्ययिता अपनाने के निर्देश दिए थे। बसना प्रशासन ने इन्हीं निर्देशों का पालन करते हुए यह अनूठी पहल की।

अनुविभागीय अधिकारी हरिशंकर पैकरा ने कहा कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं को लागू करना नहीं, बल्कि समाज के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करना भी है। उन्होंने बताया कि सामूहिक बस यात्रा से न केवल डीजल और पेट्रोल की बचत होती है, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय और टीम भावना भी विकसित होती है।
इस पहल में शामिल कर्मचारियों ने यात्रा को बेहद उपयोगी और सुखद बताया। अधिकारियों ने भविष्य में भी सुशासन तिहार और अन्य शासकीय कार्यक्रमों में सामूहिक यात्रा को प्राथमिकता देने की बात कही। प्रशासन की यह पहल आज के समय में ईंधन संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है।
आम नागरिकों से प्रशासन की अपील
बसना प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक निजी वाहन उपयोग से बचें, कार पूलिंग और सामूहिक यात्रा को बढ़ावा दें। प्रशासन का कहना है कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और स्वच्छ पर्यावरण के लिए भी बेहद जरूरी है।








