राजस्व पखवाड़ा 2026: महासमुंद. जिले में आम नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से राजस्व पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान 1 अप्रैल से शुरू होकर 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
इस पहल के तहत 1 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच व्यापक स्तर पर शिविर आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों को सीधे अपने गांव में ही समाधान मिल सके।

371 ग्रामों में शिविर, हजारों लोगों को राहत
इस अवधि में जिले के कुल 371 गांवों में शिविर लगाए गए। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।
- कुल प्राप्त आवेदन: 2771
- मौके पर निराकरण: 2295
- लंबित मामले: 476
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकांश मामलों का समाधान तत्काल किया गया।
इन प्रमुख समस्याओं का हुआ समाधान
शिविरों में राजस्व से जुड़े विभिन्न मामलों का निराकरण किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- नामांतरण (Mutation)
- बंटवारा (Partition)
- सीमांकन (Demarcation)
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
अधिकारियों की टीम ने मौके पर ही दस्तावेजों की जांच कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया।
स्वामित्व योजना के तहत पट्टा वितरण
राजस्व पखवाड़ा के दौरान कई गांवों में विशेष शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों को स्वामित्व योजना के तहत पट्टा वितरित किए गए।
इसके साथ ही ग्रामीणों को निम्न दस्तावेज भी प्रदान किए गए:
- नामांतरण आदेश
- सीमांकन पत्र
- ऋण पुस्तिका
- नक्शा प्रतिलिपि
यह पहल ग्रामीणों को अधिकारिक दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही है।
जनभागीदारी और जागरूकता पर जोर
शिविरों में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। इसके अलावा, लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे वे उनका लाभ उठा सकें।
लंबित मामलों पर प्रशासन सख्त
प्रशासन ने शेष 476 लंबित आवेदनों के जल्द निराकरण के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
- सभी मामलों का समय-सीमा में समाधान हो
- आम जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें
- कार्य में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखी जाए
आगे भी जारी रहेगा अभियान
राजस्व पखवाड़ा का अगला चरण भी निर्धारित किया गया है:
- मई: 4 से 18 मई 2026
- जून: 1 से 15 जून 2026
इससे स्पष्ट है कि प्रशासन लगातार इस अभियान को जारी रखते हुए लोगों को राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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