महासमुंद. भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 के तहत महासमुंद जिले में व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ हो गया है। इस क्रम में जिले के सभी गांवों व नगरों के लिए प्रगणक व प्रशिक्षक नियुक्त किये जा चुके हैं तथा उनका तीन दिवसीय प्रशिक्षण सभी चार्जों पर प्रारंभ कर दिया गया है। प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस जिले के कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह, स्थानीय वेडनर मेमोरियल सीनियर सेकंडरी स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंचे उनके साथ अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम श्रीमती अक्षा गुप्ता एवं तहसीलदार जुगल किशोर पटेल, सी एम ओ अशोक सलामे की उपस्थिति रही।
कलेक्टर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “जनगणना का कार्य ज्यादा कठिन नहीं है उसके लिए निष्ठा और ईमानदारी जरूरी है। जनगणना डेटा सरकार के लिए अहम होता है क्योंकि इससे देश की योजना बनती है अतः सभी प्रशिक्षु इस कार्य को पूरी ईमानदारी और सटीकता से करें।”प्रशिक्षण के दौरान जनगणना निदेशालय से सहायक संचालक मनोज महिलांगे भी उपस्थित हुए।
गौरतलब है कि भारत की पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित करनी पड़ी थी, जिसे अब 2027 में आयोजित किया जा रहा है।
भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़े प्रशासनिक अभियानों में से एक है। यह देश की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, भाषाई, धार्मिक और प्रवास संबंधी सूचनाओं का सबसे विश्वसनीय स्रोत है। वर्ष 2027 की जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य मई में कराया जाएगा तथा द्वितीय चरण मकानों की गणना का कार्य फरवरी में सम्पन्न होगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षण पुस्तिका भी वितरित की गई, जिसमें जनगणना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उद्देश्य और डेटा संकलन की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है। कक्षा के भीतर प्रशिक्षण का वातावरण पूरी तरह शिक्षणात्मक और गंभीरता भरा रहा। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस प्रशिक्षणार्थियों ने घरों में जाकर मकानसूचीकरण कार्य का परीक्षण किया।
महासमुंद नगरीय क्षेत्र के लिए कुल 125 तुमगांव नगरीय क्षेत्र के लिए 21 तथा महासमुंद ग्रामीण के लिए 375 कुल 521 सुपरवाइजर व प्रगणकों की नियुक्ति की गई है जिनका तीन-तीन दिवसीय प्रशिक्षण तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है।







