महासमुंद. कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में चल रही सरकारी योजनाओं, सुशासन तिहार, जनगणना 2027 और अन्य विकास कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा समय-सीमा की बैठक में की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर लंगेह ने सुशासन तिहार अभियान की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को आवेदन एवं शिकायतों के निराकरण की स्थिति पर रिपोर्ट लेने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान शिविरों में मौके पर अधिक से अधिक आवेदन निस्तारण किया जाए और लाभार्थियों को योजनाओं का तत्काल लाभ उपलब्ध कराया जाए। सभी आवेदनों का पोर्टल में डिजिटल एंट्री सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि यह अभियान जन आंदोलन की तरह चले और अधिकतम सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
विकसित संकल्प यात्रा, जो 5 मई से 20 मई तक चलेगी, के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी समाधान शिविरों में जाकर किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, एग्रीटेक पंजीयन, और अन्य योजनाओं की जानकारी देंगे। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न जिलों में जाकर विकास कार्यों का औचक निरीक्षण और हितग्राहियों से प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं। महासमुंद जिले में भी तैयारी उसी स्तर पर सुनिश्चित करनी होगी।
जनगणना 2027 की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को निर्देश दिए कि 01 मई से 30 मई तक डिजिटल मकान सूचीकरण गंभीरता और निष्ठा के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने स्वगणना डेटा का सत्यापन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कलेक्टर ने सभी कार्यालयों में आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य करने और ई-फाइल प्रणाली को पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। बिना अनुमति जिला मुख्यालय से बाहर रहने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी। इसके अलावा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अप्रैल, मई और जून महीने के चावल भंडारण और वितरण की समीक्षा की और जिले के सभी 593 दुकानों में तेजी से वितरण के निर्देश दिए।

जल संरक्षण अभियान ‘मोर गांव मोर पानी 2.0’ के तहत कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराया जाए। किसानों को खेतों में जल संरक्षण संरचनाएं बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजनाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वर्तमान में 10,455 संरचनाओं का निर्माण और 5,593 निर्माणाधीन हैं।
बैठक में कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजनाओं के सभी अप्रारंभ कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करें। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री घोषणाओं, जन शिकायतों, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर लंगेह ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार, जनगणना 2027, जल संरक्षण अभियान, और अन्य सरकारी योजनाओं में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।









