रायपुर. छत्तीसगढ़ के प्रमुख एवं मध्यम सिंचाई जलाशयों (बांधों) में इस साल जलभराव की स्थिति बीते दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है। जल संसाधन विभाग द्वारा जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 12 प्रमुख एवं 34 मध्यम जलाशयों में वर्तमान में कुल 3643.93 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है, जो कुल भंडारण क्षमता का 57.29 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 29.38 प्रतिशत तथा वर्ष 2024 में 35.27 प्रतिशत था।
रिपोर्ट के अनुसार 12 प्रमुख जलाशयों में 3142.11 एमसीयूएम पानी उपलब्ध है, जो उनकी कुल जीवित क्षमता का 58.67 प्रतिशत है। वहीं 34 मध्यम जलाशयों में 501.81 एमसीयूएम जल उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का लगभग 49.96 प्रतिशत है।
प्रदेश के सबसे बड़े जलाशय मिनीमाता बांगो बांध (कोरबा) में वर्तमान में 1668.11 एमसीयूएम जल संग्रहित है, जो इसकी कुल क्षमता का 57.64 प्रतिशत है। रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल) में 429.44 एमसीयूएम अर्थात 55.99 प्रतिशत तथा दुधावा जलाशय में 225.80 एमसीयूएम यानी 79.47 प्रतिशत जल उपलब्ध है। इसी प्रकार खारंग जलाशय में 74.31 प्रतिशत, मुरूमसिल्ली में 84.33 प्रतिशत, मनियारी जलाशय में 83.44 प्रतिशत तथा खपरी जलाशय में 92.98 प्रतिशत जलभराव है।
वर्तमान में राज्य के कई प्रमुख जलाशयों से सिंचाई एवं निस्तारी प्रयोजनों के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। रविशंकर सागर जलाशय से रायपुर एवं धमतरी नहर प्रणाली के लिए जलापूर्ति की जा रही है। खारंग जलाशय से भी आरबीसी एवं एलबीसी नहरों के जरिए जल आपूर्ति जारी है। इसके अलावा सोंढूर जलाशय से एसएफसी नहर, श्याम जलाशय से आरबीसी, चिरपानी, जुमका, घोंघा तथा अन्य मध्यम जलाशयों से भी आवश्यकतानुसार सिंचाई जल छोड़ा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार कई जलाशयों में पिछले वर्षों की तुलना में जलभराव की स्थिति बहुत ही बेहतर हैै। जैसे-दुधावा जलाशय में पिछले वर्ष इसी अवधि केवल 32.10 प्रतिशत जलभराव था, जो इस वर्ष वर्तमान में 79.47 प्रतिशत है। मुरूमसिल्ली जलाशय में पिछले वर्ष 13.28 प्रतिशत जल था, जबकि अभी इस जलाशय में 84.33 प्रतिशत जल उपलब्ध है। इसी प्रकार मनियारी, चिरपानी, पिपरिया नाला एवं सुतियापाट जलाशयों में भी जलभराव की स्थिति काफी बेहतर है।
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