महासमुंद. उधार की रकम वापस मांगने आए ओडिशा के छह लोगों ने ग्राम चट्टीगिरोला के एक युवक का अपहरण कर लिया। जिसे सिंघोड़ा थाना के सामने वाहन चेकिंग कर रही पुलिस ने बचाया। मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरूद्ध सरायपाली थाने में जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार चट्टीगिरोला के निरंजन दास पिता पूर्णचंद दास (32 साल) ने सरायपाली पुलिस को बताया कि वह वर्तमान में हुंडई शोरूम के पास सरायपाली में सत्यप्रकाश पाणिग्राही के मकान में किरायेदार के रूप में अपनी पत्नी के साथ रहता है। वह मारूति शोरूम में रायपुर में टीम लीडर के पद पर काम करता है। ग्राम दवारी ओडिशा के रहने वाले देवार्चन मलिक पिता त्रिनाथ मलिक से उसकी जान पहचान पूर्व से है। इसके चलते उसने करीबन 06-07 महीने पूर्व देबार्चन मलिक से 350000 उधार लिया था, जिसमें से पचास हजार रुपए वापस कर चुका हैं। परिस्थिति ठीक नही होने के कारण बाकी पैसा नही लौटा पाया था। इसी बात को लेकर देबार्चन मलिक उसे फोन करके धमकी देता रहता था और उसे ओडिशा लाकर ठीक करूंगा कहकर धमकाता था।
प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि 14 मई की शाम करीबन 6-6.30 बजे देबार्चन मलिक पिता त्रिनाथ मलिक (लगभग 40 साल) निवासी दवारी थाना आमाभौना जिला बरगढ़ ओडिशा अपने साथियों राजेश मलिक पिता त्रिनाथ मलिक (लगभग 30 साल) निवासी दवारी थाना आमाभौना जिला बरगढ़ ओडिशा, रंजन प्रधान (लगभग 35 साल) निवासी लुकापारा जिला सारंगढ़ छत्तीसगढ़, भागीरथी बेहरा (लगभग 48 साल) निवासी भुक्ता थाना आमाभौना जिला बरगढ़ ओडिशा, बंशीधर बंछोर (लगभग 40 साल) निवासी भुक्ता थाना आमाभौना जिला बरगढ़ ओडिशा, कुनु बाघ (लगभग 25 साल) निवासी इच्छापुर थाना आमाभौना जिला बरगढ़ ओडिशा को लेकर उसके घर आया। इस दौरान देवार्चन ने उसे आवाज देकर बाहर बुलाया। जब वह बाहर निकला तब देबार्चन उसे कालर पकड़कर घसीटते हुए सड़क तक लाया और वाहन क्रमांक ओडी 17 एजी 7735 में सभी व्यक्ति मिलकर जबरदस्ती ठूंसने लगे, जब उसने बचने का प्रयास किया, तब आरोपी गालियां देते हुए तेरा आज मर्डर करेंगे कहकर धमकी देते हुए जबरदस्ती कार के अंदर बिठा लिए और उसका मोबाईल भी छीनकर बंद कर दिया। हल्ला सुनकर उसकी पत्नी भूमिसुता बचाने के लिये बाहर आयी, लेकिन आरोपी कार को तेजी से चलाते हुए नेशनल हाइवे आए गए और सोहेला ओडिशा की तरफ जाने लगे।

प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि थाना सिंघोड़ा के सामने पुलिस चेकिंग कर रही थी, हमारी गाड़ी को भी रोककर नाम पूछा। तब उसने वहां उपस्थित पुलिस वालों को बताया कि ये लोग मुझे अपहरण करके ले जा रहे हैं। तब पुलिस ने उसे बचाया और सरायपाली थाना में जानकारी दी। मामले की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध सरायपाली थाने में धारा 140(3), 296, 3(5), 351(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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