महासमुंद. खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने की तैयारी कर रहे किसानों और विभिन्न संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अब धान उपार्जन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी पात्र किसानों, समितियों, ट्रस्टों और अन्य संस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंगलवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों और संस्थाओं का पंजीयन जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की धान खरीदी योजना का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक समय पर पहुंचे, इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
अब सभी संस्थाओं के लिए भी अनिवार्य हुआ एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन
जिला खाद्य अधिकारी आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि पिछले वर्ष कुछ संस्थाओं, लोक न्यास मंदिर समितियों, ट्रस्टों और अन्य सोसायटियों को एग्रीस्टैक पंजीयन से छूट दी गई थी। लेकिन खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में यह छूट समाप्त कर दी गई है। अब सभी संबंधित संस्थाओं के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।
इन संस्थाओं को निर्धारित आवेदन पत्र तहसील कार्यालय, संबंधित सहकारी समिति या जिला खाद्य कार्यालय से प्राप्त कर आवश्यक जानकारी भरकर जमा करनी होगी।
आवेदन में देनी होगी ये जरूरी जानकारी
पंजीयन आवेदन के साथ संस्था के अधिकृत प्रतिनिधि का नाम, मोबाइल नंबर, आधार संख्या, संस्था का पूरा पता, पंजीयन का प्रकार और पंजीयन क्रमांक दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा संस्था किस अधिनियम के तहत पंजीकृत है, इसकी जानकारी भी देनी होगी।
संस्था को अपने पंजीकरण प्रमाण-पत्र की प्रति भी आवेदन के साथ संलग्न करनी होगी। इसमें सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882, कंपनी अधिनियम, लोक न्यास अधिनियम अथवा अन्य लागू अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त पंजीकरण का विवरण शामिल रहेगा।
आवेदन जमा होने के बाद बनेगी लॉगिन आईडी
खाद्य विभाग के अनुसार, आवेदन और आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद संबंधित जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके बाद संबंधित संस्था के लिए लॉगिन आईडी और पासवर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
नई संस्थाएं भी कर सकेंगी पंजीयन
जो संस्थाएं पिछले वर्ष धान विक्रय प्रक्रिया में शामिल नहीं थीं, वे भी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन जमा कर सकती हैं। आवेदन सत्यापन के बाद उनका एग्रीस्टैक पंजीयन पूरा किया जाएगा।
किसान छूटे हुए खसरे भी जोड़ सकेंगे
जिन किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन पहले से हो चुका है, लेकिन उनके कुछ खसरा नंबर पोर्टल में दर्ज नहीं हो पाए हैं, वे भी संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर अपने छूटे हुए खसरों को जोड़वा सकते हैं।

जिला प्रशासन ने किसानों और सभी संबंधित संस्थाओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द निर्धारित प्रारूप प्राप्त कर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करें, ताकि धान खरीदी 2026-27, एमएसपी पर धान विक्रय, और एग्रीस्टैक पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।














