महासमुंद. कोमाखान क्षेत्र के कारीडोगर जंगल में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लकड़ी बीनने गए एक ग्रामीण का सामना अचानक तेंदुए से हो गया। सन्नाटे से घिरे जंगल में तेंदुए ने युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, मौत को सामने देखकर भी युवक ने आपा नहीं खोया और अदम्य साहस का परिचय देते हुए तेंदुए से भिड़ गया।
दो बार तेंदुए ने किया हमला, युवक ने ऐसे दिखाया पराक्रम
ग्राम पंडरीपानी (कोमाखान) निवासी लक्ष्मीचंद पिता पुसतम यादव शनिवार सुबह करीब 10 बजे कारीडोगर जंगल में लकड़ी लेने गया था। जब वह काम में व्यस्त था, तभी झाड़ियों से निकलकर तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया।
अचानक हुए इस हमले से एक पल के लिए जान पर बन आई, लेकिन लक्ष्मीचंद ने हार मानने के बजाय तेंदुए का मजबूती से सामना किया। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर तेंदुए को जोर का झटका दिया और दूर ढकेल दिया। हालांकि, तेंदुआ तुरंत पीछे नहीं हटा और उसने दोबारा हमला कर दिया। लक्ष्मीचंद ने दूसरी बार भी निडर होकर उसका मुकाबला किया। इस खूनी संघर्ष में तेंदुए के पंजों से युवक के शरीर पर पांच जगहों पर खरोंचें आई हैं।
112 की मदद से अस्पताल में भर्ती, वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता
संघर्ष के बाद घायल युवक को आपातकालीन सेवा 112 की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई। कोमाखान वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर दुलार सिंह सिन्हा ने बताया कि युवक पर तेंदुए के हमले की पुष्टि हुई है और उसके शरीर पर पंजों के निशान हैं। वन विभाग की ओर से पीड़ित को तात्कालिक सहायता के रूप में ₹1,000 की राशि प्रदान की गई है।
इलाके में दहशत का माहौल, ग्रामीणों को सतर्क रहने की चेतावनी
इस घटना के बाद से पूरे इलाके और आसपास के गांवों में तेंदुए का खौफ फैल गया है। जंगल जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घटना के मद्देनजर वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- जंगल में अकेले जाने से बचें और समूह में ही जाएं।
- वन्यजीव दिखने पर उसे उकसाने या पास जाने की कोशिश न करें।
- सुरक्षा के दृष्टिकोण से जंगल के संवेदनशील इलाकों से दूरी बनाए रखें।
लक्ष्मीचंद की सूझबूझ और हिम्मत से उसकी जान तो बच गई, लेकिन इस घटना ने वन्यजीव बहुल इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाने की सख्त जरूरत को रेखांकित कर दिया है।
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