महासमुंद. बैंक खाता खुलवाकर साइबर नेटवर्क को सप्लाई करने के मामले में जिले की पुलिस ने मुख्य आरोपी को आंध्रप्रदेश के पोलावरम से गिरफ्तार किया है। मामले को लेकर बसना थाने में अपराध क्र. 452/2026 धारा 318(4), 319(2), 3(5), 317(4) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि जिला पुलिस महासमुंद द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर अपराधों और ठगी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना बसना पुलिस द्वारा ग्रामीणों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी में इस्तेमाल करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक मुख्य आरोपी को आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है।
घटना की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि प्रार्थी राजकुमार तांडी निवासी ग्राम मनकी ने 20/08/2026 को थाना बसना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ओडिशा निवासी सुनील दुर्गा और थिमोथी छतरिया ने प्रार्थी और अन्य ग्रामीणों को बैंक खाता खुलवाने पर 1,500 से 20,000 रुपये तक कमीशन दिलाने का लालच दिया था। प्रार्थी और उसके साथियों के बैंक खाते खुलवाने के बाद आरोपियों ने कंपनी में वेरीफाई कराने के बहाने उनके एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड ले लिए और साइबर अपराधियों को बेच दिए। प्रार्थी की शिकायत पर थाना बसना में अपराध क्र. 452/2026 धारा 318(4), 319(2), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना और पूर्व में पकड़े गए आरोपियों (सुनील दुर्गा, थिमोथी छतरिया और हेमलाल चौहान) ने पूछताछ में बताया कि वे आंध्र प्रदेश निवासी बी. लक्ष्मणा और चंद्राराव के कहने पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें देते थे, जिनका उपयोग वे लोग सायबर फ्रॉड शेयर ट्रेडिंग और ऑनलाइन गेमिंग में पैसों के भारी लेन-देन के लिए करते थे, जिसके एवज में उन्हें कमीशन मिलता था। इसी आधार पर थाना बसना की पुलिस टीम ने आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले में दबिश दी। 2 अक्टूबर को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी बी. लक्ष्मणा डोरा को पोलावरम, आंध्र प्रदेश से पकड़ा गया। विधिवत गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु न्यायालय बसना (छत्तीसगढ़) के समक्ष पेश किया जा रहा है।








