महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम तमोरा में वन विभाग की टीम पर हमले और दो अधिकारियों को करीब चार घंटे तक बंधक बनाए रखने का गंभीर मामला सामने आया है। जंगली सुअर के अवैध शिकार और वन्य मांस की बिक्री की सूचना पर गश्त करने पहुंची वन टीम को अतिक्रमणकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। खल्लारी पुलिस ने मामले में 10 नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR No. 0114/26) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गश्त के दौरान लाठी-डंडों से घेराव और मारपीट
6 अक्टूबर की रात वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा अपने स्टाफ (उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा, वनरक्षक टोमन दीवान, वॉचर महेश चंद्राकर, पूनम साहू, राकेश ध्रुव और चालक हरदेव वर्मा) के साथ ढोड परिसर के कक्ष क्रमांक 95-96 में गश्त कर रहे थे।
रात लगभग 7:30 बजे वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले कुछ लोग मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से वन अमले को घेर लिया। हमले के दौरान कुछ कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर निकलने में सफल रहे, लेकिन वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा और उपवनक्षेत्रपाल नवीन शर्मा को भीड़ ने घेर लिया और उनके साथ जम कर मारपीट की।
4 घंटे तक खेत के मकान में बनाया बंधक, दी जान से मारने की धमकी
शिकायत के अनुसार, दोनों अधिकारियों को उनकी मंशा के खिलाफ पास के ही एक खेत में बने छोटे से मकान में ले जाया गया। रात 7:30 बजे से 11:30 बजे तक दोनों को बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें किसी से बात करने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
मारपीट में दोनों अधिकारियों को गंभीर चोटें आई हैं:
- नवीन वर्मा (वन परिक्षेत्र अधिकारी): पीठ, बाएं कंधे, बाईं जांघ, बाएं हाथ और आंख पर चोट।
- नवीन शर्मा (उपवनक्षेत्रपाल): दाहिने कान के पीछे से रक्तस्राव, पीठ, बाजू, कंधे और बाईं कमर/कूल्हे में चोट।
घटना के बाद दोनों का डॉक्टरी मुलाहिजा (मेडिकल टेस्ट) कराया गया है।
व्हाट्सऐप संदेश से मिली पुलिस को सूचना, सुरक्षा घेरे में रेस्क्यू
बंधक बनाए जाने के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी नवीन वर्मा ने सूझबूझ दिखाते हुए व्हाट्सऐप के जरिए उच्च अधिकारियों और थाना प्रभारी बागबाहरा को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों के विरोध और बहस के बीच पुलिस व वन अमले ने सुरक्षा घेरा बनाकर दोनों अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
तमोरा क्षेत्र में अतिक्रमणकारियों से विवाद का पुराना इतिहास
एफआईआर के मुताबिक, तमोरा वनखंड में वन विभाग और अतिक्रमणकारियों के बीच पहले भी कई बार विवाद की स्थिति निर्मित हो चुकी है:
- 13 मई 2026: वृक्षारोपण की तैयारी के दौरान वन अमले से अभद्रता और मारपीट की धमकी (अपराध क्रमांक 55/2026 दर्ज)।
- 27 मई 2025: अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस व वन अमले के साथ झूमाझटकी।
- 26 दिसंबर 2025: प्रशासन और ग्रामीणों की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की समझाइश।
- 25 मार्च 2026: जंगल की कटाई, ठूंठ जलाने और फेंसिंग पोल तोड़ने पर वन अपराध दर्ज; 20 अप्रैल 2026 को 52 लोगों को सीजेएम कोर्ट महासमुंद में पेश किया गया था।
BNS की धाराओं में नामजद FIR और पुलिस जांच जारी
खल्लारी पुलिस ने लक्ष्मी ध्रुव (पति प्रदीप ध्रुव), प्रदीप ध्रुव (पिता इतवारी ध्रुव), सुखराम (पिता सधवा खैरवार), गणेश यादव (पिता नारायण यादव), हेमिन बाई (पति, शत्रुघ्न ध्रुव), चंदन (पिता मोहन निषाद), कलाबाई (पति कार्तिक राम खैरवार), लक्ष्मीबाई (पति हेमन साहू), संतकुमार (पिता दुर्जन खैरवार) के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 127(2), 132, 191(2), 221, 296 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जांच उपनिरीक्षक मयंक कुमार द्वारा की जा रही है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों (व्हाट्सऐप मैसेज), गवाहों और अधिकारियों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।








