महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, उर्वरक और प्रमाणित उन्नत बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर जिले में खाद-बीज विक्रेताओं और कीटनाशक दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। अप्रैल 2026 से अब तक उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण के तहत कुल 48 कार्रवाई की गई हैं। इनमें लाइसेंस निलंबन, विक्रय प्रतिबंध, जब्ती और न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने जैसी कार्रवाई शामिल हैं।
महासमुंद में खाद विक्रेताओं पर 48 कार्रवाई, 26 के लाइसेंस निलंबित
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप के मार्गदर्शन में कृषि विभाग किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कृषि सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश, 1985 के अंतर्गत अप्रैल 2026 से अब तक जिले में कुल 48 कार्रवाई की गई हैं।
इन कार्रवाई में 26 दुकानों के विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं, जबकि एक प्राधिकार पत्र निरस्त किया गया है। इसके अलावा पांच मामलों में जब्ती की कार्रवाई की गई और 13 दुकानों में उर्वरक बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, तीन प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
इन कदमों का उद्देश्य खाद की गुणवत्ता बनाए रखना, नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर अंकुश लगाना और किसानों को कृषि सीजन के दौरान गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना है।
कीटनाशक दुकानों का निरीक्षण, पांच संस्थानों पर बिक्री प्रतिबंध
कृषि विभाग ने केवल खाद और बीज तक ही निगरानी सीमित नहीं रखी है, बल्कि कीटनाशक गुणवत्ता नियंत्रण के तहत भी जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जिले में अब तक 125 संस्थानों का निरीक्षण किया गया है।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर पांच संस्थानों में कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। वहीं, एक केंद्र के विरुद्ध अभियोजन की अनुमति के लिए मामला भेजा गया है। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने के साथ कृषि आदानों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
खाद-बीज की गुणवत्ता से समझौता नहीं, लगातार होगी निगरानी
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री के विक्रय में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित फर्मों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
खरीफ सीजन में धान सहित अन्य फसलों की बुवाई और खेती के लिए खाद-बीज की मांग बढ़ने के मद्देनजर विभाग आपूर्ति व्यवस्था और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखे हुए है। इसका उद्देश्य किसानों को सही कीमत पर मानक अनुरूप कृषि सामग्री खरीदने में मदद करना और उन्हें घटिया या अमानक उत्पादों से बचाना है।
किसानों से अपील: अधिकृत दुकानों से खरीदें खाद-बीज, बिल लेना न भूलें
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे खाद और प्रमाणित बीज की खरीदी हमेशा अधिकृत विक्रेताओं से ही करें। कृषि सामग्री खरीदते समय दुकानदार से पक्का बिल अवश्य लें और निर्धारित पीओएस (PoS) मशीन के माध्यम से ही खरीदारी करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को खाद-बीज की गुणवत्ता, निर्धारित प्रक्रिया से बिक्री या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता को लेकर शिकायत मिलती है, तो वह अपने क्षेत्र के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या उप संचालक कृषि कार्यालय, महासमुंद में शिकायत दर्ज करा सकता है।
किसानों को समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता
राज्य शासन का उद्देश्य किसानों को खरीफ सीजन के दौरान उन्नत बीज और गुणवत्तापूर्ण उर्वरक समय पर तथा आसानी से उपलब्ध कराना है। इसी दिशा में कृषि विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण, गुणवत्ता जांच और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने किसानों से यह भी अपील की है कि खाद-बीज से संबंधित किसी भ्रामक सूचना पर भरोसा करने के बजाय अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सही जानकारी प्राप्त करें। इससे किसान जागरूक रह सकेंगे और खरीफ सीजन में बेहतर कृषि प्रबंधन के साथ अपनी फसल की तैयारी कर सकेंगे। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।







