महासमुंद। विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य और व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए शासकीय पदुमन सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गढ़सिवनी में विशेष मोटिवेशनल एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिक्वेंद्र कुमार जाटवर ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता हासिल करने के लिए मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और समय प्रबंधन का महत्व समझाया। उन्होंने बच्चों को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा और बाल अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।
सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और अनुशासन जरूरी : जाटवर
मोटिवेशनल क्लास को संबोधित करते हुए टिक्वेंद्र कुमार जाटवर ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के लक्ष्य और करियर को लेकर संवाद किया। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी का कोई न कोई सपना होता है। कोई डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वकील, प्रशासनिक अधिकारी या वैज्ञानिक बनना चाहता है, तो कोई सफल उद्यमी बनने की इच्छा रखता है।
उन्होंने कहा कि केवल सपने देखने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जरूरी है। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, असफलताओं से सीखने और समय का सही उपयोग करने की सलाह दी गई।
जाटवर ने बच्चों को मोबाइल के अनावश्यक इस्तेमाल से बचने की सीख देते हुए कहा कि मोबाइल का गुलाम बनने के बजाय उसका उपयोग ज्ञान और सीखने के लिए करना चाहिए। साथ ही उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों के सपनों एवं मार्गदर्शन का सम्मान करने की बात कही।
स्वास्थ्य, पोषण और बाल अधिकारों पर दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को किशोरावस्था के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और बेहतर जीवनशैली के बारे में बताया गया। जाटवर ने नियमित खानपान, संतुलित पोषण और दैनिक दिनचर्या को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और घरेलू हिंसा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों में हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्राप्त करने, पढ़ाई के लिए समय प्रबंधन करने और बुरी आदतों से दूर रहने के विषय में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया।
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उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, बच्चों को कुपोषण से बचाने, बाल अधिकारों की सुरक्षा करने और महिलाओं के प्रति हिंसा एवं भेदभाव को रोकने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित करता है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा तथा सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
पचमढ़ी एडवेंचर कैंप में शामिल हुए स्कूल के चार विद्यार्थी
विद्यालय के लिए यह गर्व का विषय रहा कि यहां के चार विद्यार्थियों ने पचमढ़ी में आयोजित स्काउट-गाइड पर्वतारोहण, आपदा प्रबंधन एवं व्यक्तित्व विकास शिविर में हिस्सा लिया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सहशैक्षणिक एवं साहसिक गतिविधियों में भाग लेकर नए अनुभव प्राप्त किए।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को साहस, आत्मनिर्भरता, अनुशासन, टीम भावना और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण गुणों को सीखने का अवसर मिला।
जिला स्तरीय रेडक्रॉस शिविर में चार वॉलंटियर्स ने लिया हिस्सा
इसी तरह विद्यालय के चार वॉलंटियर्स जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस शिविर में शामिल हुए। बिरकोनी में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों ने प्राथमिक उपचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
शिविर में प्राप्त अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों ने आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के महत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझा।
प्रमाण पत्र देकर प्रतिभागियों का बढ़ाया उत्साह
पचमढ़ी के स्काउट-गाइड शिविर और बिरकोनी के जिला स्तरीय जूनियर रेडक्रॉस शिविर में शामिल होकर लौटे सभी आठ विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान प्रमाण पत्र वितरित किए गए। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिक्वेंद्र कुमार जाटवर, विद्यालय के प्राचार्य तुलेन्द्र सागर और शिक्षक स्टाफ ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर प्राचार्य तुलेन्द्र सागर, व्याख्याता वोमन लाल ठाकुर, रितेश जोशी, लक्ष्मी ठाकुर, ममता शर्मा, लुकेश आवले, योगेश साहू, तारणी साहू, मन्थिर यादव, मनीष भृंगराज और पुरुषोत्तम कमार सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा तक सीमित न रखकर उन्हें जागरूक, आत्मनिर्भर, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए प्रेरित करना रहा। इस तरह के आयोजन बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके सामाजिक और व्यावहारिक कौशल को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

