Kitchen Hacks: सर्दियों का मौसम आते ही रसोई में गर्मागर्म और स्वादिष्ट पराठों की खुशबू महकने लगती है। इनमें भी मूली के पराठे (Mooli ke Parathe) का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। हालांकि, कई बार लाख कोशिशों के बावजूद मूली के पराठे बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी तब आती है, जब बेलते ही आटा फट जाता है और सारी स्टफिंग बाहर निकलकर तवे पर बिखरने लगती है।
यदि आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो इसकी वजह सिर्फ जरूरत से ज्यादा स्टफिंग भरना नहीं है। आटा गूंथने के तरीके से लेकर मूली की नमी और बेलने के सही प्रोसेस तक, कुछ छोटी-छोटी बातें इस समस्या का कारण बनती हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे अचूक टिप्स, जिन्हें अपनाकर आप परफेक्ट, फूले-फूले और बाजार जैसे स्वादिष्ट मूली के पराठे बना सकते हैं।
1. परफेक्ट आटे की बनावट और रेस्ट टाइम
अच्छे मूली के पराठे की शुरुआत हमेशा सही क्वालिटी के गूंथे हुए आटे से होती है।
- कैसा हो आटा: आटा बहुत ज्यादा सूखा होगा तो बेलते समय उसमें दरारें पड़ेंगी, वहीं ज्यादा गीला आटा चिपचिपा हो जाएगा। पराठे के लिए आटा हमेशा नरम, चिकना और थोड़ा लचीला होना चाहिए।
- पानी मिलाने का तरीका: आटा गूंथते समय एक साथ पानी न डालें, बल्कि धीरे-धीरे मिलाएं ताकि सही टेक्सचर समझ आ सके। आप इसमें थोड़ा सा तेल या घी भी मिला सकते हैं।
- आटे को दें आराम: आटा तैयार करने के बाद उसे तुरंत न बेलें। इसे कम से कम 20 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रेस्ट करने दें। इससे आटा लचीला बनता है और बेलते समय दबाव आसानी से झेल पाता है।
2. मूली की स्टफिंग से अतिरिक्त पानी ऐसे हटाएं
मूली के पराठे फटने की सबसे बड़ी वजह स्टफिंग में मौजूद अतिरिक्त नमी यानी पानी होती है।
- कद्दूकस करने के बाद मूली काफी मात्रा में पानी छोड़ती है। यदि इस पानी को निकाले बिना सीधे आटे में भर दिया जाए, तो नमी के कारण आटा अंदर से कमजोर हो जाता है।
- कद्दूकस की हुई मूली को हाथ या सूती कपड़े की मदद से अच्छी तरह निचोड़ लें।
- ध्यान रखें कि नमक मिलाने पर मूली और ज्यादा पानी छोड़ती है, इसलिए स्टफिंग तैयार करते समय इस बात का खास ख्याल रखें। यदि आप प्याज मिला रहे हैं, तो उसके भी अतिरिक्त पानी को सूखा लें।
3. स्टफिंग की मात्रा और सही सीलिंग का तरीका
- कम भरें भरावन: पराठे में जरूरत से ज्यादा मूली भरने से बेलते समय आटे पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और वह कमजोर हिस्से से फट जाता है। स्टफिंग उतनी ही रखें जो आटे के अंदर आसानी से बंद हो सके।
- अतिरिक्त आटा हटाएं: स्टफिंग बंद करते समय ऊपर की तरफ थोड़ा सा एक्स्ट्रा आटा इकट्ठा हो जाता है। इसे वहीं दबाने के बजाय सावधानी से हटा दें। अब सील वाली जगह को उंगलियों से हल्का दबाकर बराबर कर लें, ताकि सतह चिकनी हो जाए।
- लोई को भी दें थोड़ा आराम: स्टफ करके लोई तैयार करने के बाद उसे तुरंत बेलने के बजाय 10 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढककर रख दें। यह छोटा सा रेस्ट आटे को दोबारा लचीला बनाता है।
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4. बेलने का सही तरीका और छोटी दरारों का समाधान
- हल्के हाथों का इस्तेमाल: स्टफ की हुई लोई को पहले उंगलियों से हल्का चपटा करें। इसके बाद बहुत हल्की डस्टिंग (सूखा आटा) करें।
- बेलन चलाने की ट्रिक: बेलन को एक ही दिशा में लगातार चलाने के बजाय कुछ बार हल्के हाथ से बेलें, फिर पराठे को थोड़ा घुमाकर दूसरी दिशा में बेलें। इससे स्टफिंग एक जगह जमा नहीं होती।
- दरार दिखने पर क्या करें: अगर बेलते समय हल्की सी दरार दिखाई दे, तो तुरंत रुक जाएं। उस जगह पर थोड़ा सा सूखा आटा लगाकर उंगली से हल्के हाथ से बंद करें, फिर धीरे-धीरे बेलना शुरू करें। लाइफ स्टाइल से संबंधित लेख यहां पढ़ें।

