महासमुंद. छत्तीसगढ़ में बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए बिजली विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। महासमुंद वृत्त में स्मार्ट मीटर के जरिए रिमोट से काटे गए बिजली कनेक्शनों की जांच के दौरान 78 उपभोक्ता अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल करते मिले। ये उपभोक्ता बाईपास कनेक्शन और एलटी लाइन से हुकिंग कर बिजली चोरी कर रहे थे। विभाग ने संबंधित लोगों के खिलाफ विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस मामले में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही प्रकरण विशेष न्यायालय में भेजे जाएंगे।
195 कटे कनेक्शनों की जांच
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के महासमुंद वृत्त ने 15 दिन से अधिक समय पहले स्मार्ट मीटर के माध्यम से रिमोट से काटे गए 195 बिजली कनेक्शनों की जांच कराई। इस अभियान के लिए महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली और गरियाबंद संभागों में कुल 27 टीमों को तैनात किया गया था।
जांच के दौरान 78 उपभोक्ताओं के यहां बिजली चोरी के मामले सामने आए। इनमें महासमुंद जिले के 69 और गरियाबंद जिले के 9 उपभोक्ता शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इन उपभोक्ताओं द्वारा बाईपास के जरिए या एलटी लाइन से हुकिंग कर बिजली इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली।
बिजली विभाग अब अवैध कनेक्शन और बिजली चोरी के मामलों में संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 और 138 के तहत कार्रवाई कर रहा है। इसके तहत पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद संबंधित प्रकरण विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही नियमानुसार देय राशि की वसूली भी की जाएगी।
विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना, राजस्व के नुकसान को कम करना और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
बकायादारों को मोबाइल पर मिल रहा अलर्ट
बिजली कनेक्शन काटने से पहले विभाग बकाया राशि जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को मोबाइल पर संदेश भेज रहा है। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को समय रहते भुगतान करने का मौका मिल रहा है। कई उपभोक्ता संदेश मिलने के बाद बकाया बिजली बिल जमा कर रहे हैं और कनेक्शन कटने से बच रहे हैं।
हालांकि, जिन उपभोक्ताओं ने निर्धारित समय तक भुगतान नहीं किया, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी है।
एक दिन में 2,559 बिजली कनेक्शन फिर काटे गए
विभाग के अनुसार, शुक्रवार, 16 अक्टूबर को बकाया भुगतान नहीं करने वाले 2,559 बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के जरिए रिमोट से काट दिए गए। इन सभी कनेक्शनों की अगले महीने जांच की जाएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित उपभोक्ता बिना अनुमति बिजली का इस्तेमाल तो नहीं कर रहे हैं।
बिजली चोरी और बकाया वसूली को लेकर चलाया जा रहा यह निगरानी अभियान 31 मार्च 2028 तक जारी रहेगा।
समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
बिजली विभाग ने घरेलू उपभोक्ताओं, कृषि पंप संचालकों और बीपीएल परिवारों से छत्तीसगढ़ शासन की समाधान योजना का लाभ उठाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि पात्र उपभोक्ता योजना के प्रावधानों की जानकारी लेकर अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान करें, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बकाया भुगतान नहीं करने और अवैध तरीके से बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

