महासमुंद. मुख्य अभियंता एके लखेरा के निर्देशन में, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार साहू के नेतृत्व तथा संबंधित कार्यपालन अभियंताओं के मार्गदर्शन में महासमुंद वृत्त के अंतर्गत महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों में विद्युत बकायादारों तथा पूर्व में विच्छेदित विद्युत कनेक्शनों की सघन जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए कुल 27 जांच दलों का गठन किया गया, जिनमें लगभग 55 सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं (एई /जेई) एवं लाइन कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई।
अभियान में विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के परिसरों की जांच की गई, जिनके स्मार्ट मीटर कनेक्शन रिमोट के माध्यम से तथा नॉन-स्मार्ट मीटर कनेक्शन बकाया राशि के कारण पूर्व में विच्छेदित किए गए थे। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्युत विच्छेदन के बाद संबंधित उपभोक्ताओं द्वारा बिना बकाया राशि जमा किए एवं बिना विभागीय अनुमति के पुनः विद्युत का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है।
187 परिसरों की जांच
विशेष अभियान के दौरान महासमुंद वृत्त सीएसपीडीसीएल के अंतर्गत कुल 187 उपभोक्ता परिसरों की सघन जांच की गई। जांच में 96 उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत बकाया राशि का भुगतान किए बिना तथा पूर्व में विच्छेदित कनेक्शन के बाद अनधिकृत रूप से विद्युत का उपयोग किए जाने के मामले सामने आए। इनमें मीटर को बायपास करके अथवा एलटी लाइन से सीधे हुकिंग कर विद्युत उपयोग किए जाने की अनियमितताएं पाई गईं। ऐसे मामलों में जांच दलों द्वारा मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई की गई। विद्युत विच्छेदन के बाद किए गए अनधिकृत विद्युत उपयोग के आकलन के अनुसार बिलिंग करने तथा संबंधित प्रकरणों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 138 एवं 135 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रकरणों की प्रकृति एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने तथा सक्षम विशेष न्यायालय में मामले प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत उपभोक्ताओं को राहत
अभियान के दौरान अनेक घरेलू बीपीएल एवं कृषि पंप उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री समाधान योजना के अंतर्गत अपने बकाया प्रकरणों के निराकरण के लिए पंजीयन कराया तथा नियमानुसार भुगतान किया। वहीं, कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर अपने विद्युत कनेक्शन का नियमानुसार पुनः संयोजन कराने की पहल की। विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को समझाइश दी गई कि बकाया राशि का भुगतान करने तथा विभागीय प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही विद्युत कनेक्शन पुनः चालू कराया जाए, जिससे अनावश्यक वैधानिक कार्रवाई से बचा जा सके।
विच्छेदित लाइन स्वयं जोड़ने वालों पर होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई
सीएसपीडीसीएल ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर के रिमोट डिस्कनेक्शन अथवा अन्य माध्यम से विद्युत कनेक्शन विच्छेदित होने के बाद स्वयं लाइन जोड़कर, मीटर बायपास करके अथवा एलटी लाइन से हुकिंग कर बिजली का उपयोग करना गंभीर अनियमितता है। जांच में ऐसे मामले पाए जाने पर संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से विद्युत कंपनी की अपील
विद्युत कंपनी ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनका विद्युत कनेक्शन बकाया राशि के कारण विच्छेदित किया गया है, वे स्वयं लाइन जोड़कर विद्युत का उपयोग न करें। वे अपने बकाया का भुगतान कर विभागीय प्रक्रिया के अनुसार विधिवत पुनः संयोजन प्राप्त करें। मीटर बायपास करना, सीधे लाइन से हुकिंग करना अथवा विद्युत विच्छेदन के बाद अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करना दंडनीय हो सकता है। महासमुंद वृत्त के अंतर्गत विद्युत बकाया वसूली, विद्युत चोरी की रोकथाम एवं राजस्व अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 31 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। विद्युत कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं को नियमानुसार विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ विद्युत अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं राजस्व संरक्षण के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।






