महासमुंद : मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए जरूरी निर्देश, नागरिक रहें अलर्ट

महासमुंद. ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए जिले में डायरिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं

Written by: Admin

Published on: April 16, 2026

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महासमुंद. ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए जिले में डायरिया, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। 

Summer Alert

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि मौसमी बदलाव के दौरान जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए जिले में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर संभावित प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर ली गई है तथा वहां लगातार निगरानी रखी जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स, एंटीमलेरियल सहित आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दवाओं की आपूर्ति के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए जल स्रोतों के नियमित क्लोरीनीकरण, कुएं में ब्लीचिंग पाउडर डालने तथा खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए पीएचई विभाग से समन्वय स्थापित किया गया है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल गुणवत्ता की सतत निगरानी की जा रही है ताकि किसी प्रकार का संक्रमण फैलने से रोका जा सके।

संक्रामक रोगों के प्रकोप की स्थिति में सैंपल जांच हेतु स्टेट रेफरल लेबोरेटरी में परीक्षण की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष इंतजाम किए गए हैं तथा 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करने की अपील की गई है। वहीं बच्चों में दस्त रोग के प्रबंधन को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित बच्चों को लो ऑस्मोलर ओ.आर.एस. के साथ लगातार 14 दिनों तक जिंक डिस्पर्सिबल गोलियां दी जाए, जिससे रोग की गंभीरता को कम किया जा सके और बच्चों के स्वास्थ्य की शीघ्र सुधार सुनिश्चित हो।

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल स्वच्छ पानी का उपयोग करें, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचें, सड़ी-गली वस्तुओं का सेवन न करें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

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