मजदूरों को दूसरे राज्य ले जाने वाले ठेकेदार सावधान! महासमुंद कलेक्टर-एसपी ने जारी किए सख्त निर्देश

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में श्रमिकों के अंतरराज्यीय पलायन और उनके अधिकारों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने लेबर सप्लायर ठेकेदारों की बैठक लेकर मजदूरों को दूसरे राज्यों में काम के लिए भेजने से जुड़े नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध लाइसेंस और आवश्यक अनुमति के श्रमिकों को बाहर ले जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस समीक्षा बैठक में श्रमिकों के पंजीयन, सुरक्षित पलायन, बुनियादी सुविधाओं, बच्चों की शिक्षा और श्रमिक परिवारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र, श्रम निरीक्षक अलीम नियाजी सहित लाइसेंसधारी और गैर लाइसेंसधारी लेबर सप्लायर ठेकेदार मौजूद रहे।

बिना लाइसेंस मजदूरों को बाहर भेजने पर होगी कार्रवाई

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि श्रमिकों को दूसरे राज्यों में काम के लिए ले जाने वाले ठेकेदारों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस मजदूरों को बाहर ले जाना नियमों के विरुद्ध है। ऐसी स्थिति सामने आने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों को केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रहने, खाने-पीने, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करना भी ठेकेदारों की जिम्मेदारी है। श्रमिकों और उनके परिवारों को काम के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मजदूरों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी जोर

बैठक में श्रमिकों के साथ दूसरे राज्यों में जाने वाले महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित ठेकेदारों को बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों से जोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों को स्वच्छ पेयजल, शौचालय, सुरक्षित आवास और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूरों को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिल सके।

पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने ठेकेदारों को श्रमिकों से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज और श्रम पंजीयन की प्रक्रिया पूरी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी अपराध, दुर्घटना या आपदा की स्थिति में सही दस्तावेज और नियमों का पालन करने वाले ठेकेदारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

एसपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई श्रमिक अपने घर लौटना चाहता है, तो उसे जबरन रोककर नहीं रखा जाना चाहिए। श्रमिक या उसके आश्रित परिवार के सदस्य के बीमार होने पर इलाज की व्यवस्था करना अथवा उपचार के लिए जाने देना जरूरी है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी श्रमिक की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके गृह क्षेत्र में रहने वाले परिवार के सदस्यों को एक दिन के भीतर सूचना दी जाए। परिजनों को जानकारी दिए बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए।

ग्राम पंचायत के रजिस्टर में दर्ज करना होगा पूरा विवरण

श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र ने बताया कि लेबर सप्लायर ठेकेदार अपने लाइसेंस में निर्धारित संख्या के अनुसार ही श्रमिकों को काम के लिए बाहर ले जा सकते हैं। तय संख्या से अधिक मजदूरों को ले जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि श्रमिकों के रवाना होने से पहले ग्राम पंचायत के पलायन रजिस्टर में उनका नाम और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज कराना जरूरी है। इसमें काम के लिए जाने वाले शहर और राज्य, संबंधित कंपनी, रोजगार की अवधि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां शामिल होनी चाहिए।

यदि पहले से दर्ज सूची में शामिल कोई श्रमिक बाहर नहीं जाता है और उसकी जगह किसी दूसरे व्यक्ति को भेजा जाता है, तो रजिस्टर में नाम संशोधित करना होगा। इसकी सूचना जिला श्रम कार्यालय और नजदीकी पुलिस थाने को भी देनी होगी।

महासमुंद जिले से बड़ी संख्या में मजदूर अस्थायी रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करते हैं। ऐसे में श्रमिकों का सही पंजीयन, ठेकेदारों की जवाबदेही और मजदूरों के परिवारों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।

जिला प्रशासन की इस बैठक का उद्देश्य अंतरराज्यीय प्रवासी कर्मकार (नियोजन का विनियमन और सेवा शर्त) अधिनियम, 1979 के प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने ठेकेदारों को चेतावनी दी कि श्रम कानूनों की अनदेखी, बिना वैध अनुमति श्रमिकों को बाहर ले जाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने जैसी अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खबरें पढ़ने के लिए babapost.in पर विजिट करें।

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