गांजा तस्करी मामले में दो आरोपियों को 15-15 साल की सश्रम कारावास की सजा

महासमुंद. गांजा परिवहन के मामले में आरोप दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) (।।) (ग) के तहत विशेष न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने 15-15 साल के सश्रम कारावास और

Written by: Admin

Published on: April 9, 2026

महासमुंद. गांजा परिवहन के मामले में आरोप दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) (।।) (ग) के तहत विशेष न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी ने 15-15 साल के सश्रम कारावास और डेढ-डेढ लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि नहीं पटाने पर एक-एक वर्ष का पृथक से सश्रम कारावास भुगताया जाएगा।

Court

अभियोजन के अनुसार कोमाखान थाना को 25 अप्रैल 23 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति सफेद रंग के महिद्रा मार्सल गाड़ी क्र. ओआर 02 एन 4031 में अवैध रूप से गांजा रखकर विक्रय के लिए ओडिशा राज्य से आ रहे है। सूचना पर टेमरीनाका पहुंचकर घेराबंदी की गई। मुखबिर के बताए गाड़ी आने पर उसे रोककर पूछताछ की गई तो वाहन चालक ने अपना नाम मामड़ी पाका सतीश पिता माधवराव ग्राम कोमादारी विशाखापटनम बताया। बगल में बैठे व्यक्ति ने अपना नाम वंकरा सुनील माइकल पिता बी जेसूदास कोमादारी विशाखापटनम बताया।

आरोपियों को मुखबिर की सूचना से अवगत कराकर वाहन की तलाशी ली गई तो गाड़ी के पीछे सीट के नीचे बने एक चेंबर तथा गाड़ी के ऊपर छत को उठाकर देखने पर सौ किलो ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा मिला। आरोपियों को गिरफ्तार कर विवेचना उपरांत मामला कोर्ट को सौंपा गया था। जहां से आरोप सिद्ध होने पर सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक नूतन साहू ने पैरवी की।

आरक्षक पर चाकू से हमलाकर भाग निकला वारंटी

X(Twitter Link)

Previous

प्रवासी श्रमिकों के लिए नई योजना, आसान होगा खाना बनाना

Next

महासमुंद में औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण, सुरक्षा और श्रम नियमों पर उठे सवाल