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पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़ के बीच महासमुंद प्रशासन का बड़ा फैसला, तय हुई ईंधन वितरण सीमा

On: May 16, 2026
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन की बैठक
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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। हाल ही में जिले में ईंधन की कमी को लेकर फैली अफवाहों और पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ के बीच कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने पेट्रोल-डीजल वितरकों और ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों की अहम बैठक ली। इस बैठक में जिले में ईंधन की उपलब्धता, दैनिक खपत और वितरण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई वास्तविक कमी नहीं है। हालांकि अफवाहों और भ्रम के कारण लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन लेना शुरू कर दिया है, जिससे कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है।

पेट्रोल पंपों पर अचानक क्यों बढ़ी भीड़

बैठक में पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि नागरिकों के बीच यह भ्रम फैल गया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी कारण लोग सामान्य से अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने के लिए पंपों पर पहुंच रहे हैं।

जो लोग पहले 100 या 200 रुपये का पेट्रोल भरवाते थे, अब वे अपनी गाड़ियों की टंकी फुल कराने लगे हैं। इससे कुछ पंपों पर ईंधन जल्दी खत्म होने जैसी स्थिति बन रही है। किसी एक पंप पर भीड़ बढ़ने के बाद लोग आसपास के दूसरे पंपों पर पहुंच रहे हैं, जिससे वहां भी लंबी कतारें लग रही हैं।

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प्रशासन ने कहा कि यह स्थिति वास्तविक कमी के कारण नहीं बल्कि पैनिक बाइंग यानी डर के कारण जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने की वजह से पैदा हुई है।

जिले में कितना पेट्रोल और डीजल उपलब्ध

ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि महासमुंद जिले में वर्तमान समय में लगभग 7 लाख 18 हजार लीटर पेट्रोल और 7 लाख 33 हजार लीटर डीजल उपलब्ध है। अधिकारियों के अनुसार यह स्टॉक जिले की औसत दैनिक जरूरत के हिसाब से पर्याप्त है।

बताया गया कि उपलब्ध पेट्रोल अगले पांच दिनों तक की मांग पूरी कर सकता है, जबकि डीजल का स्टॉक लगभग दो दिनों तक पर्याप्त रहेगा। इसके अलावा ऑयल कंपनियों द्वारा लगातार नई सप्लाई भी भेजी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में भी किसी प्रकार की कमी की संभावना नहीं है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें तो स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी।

कलेक्टर ने जनता से की महत्वपूर्ण अपील

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जिले में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।

कलेक्टर ने नागरिकों से कहा कि केवल आवश्यकता पड़ने पर ही पेट्रोल और डीजल खरीदें। घरों में अनावश्यक रूप से ईंधन का स्टॉक जमा करना सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों से संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

प्रशासन ने तय की ईंधन वितरण सीमा

बढ़ती भीड़ और अनावश्यक स्टॉकिंग को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ईंधन वितरण को लेकर कुछ सीमाएं तय की हैं। इस फैसले का उद्देश्य सभी लोगों तक समान रूप से पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

नई व्यवस्था के अनुसार दुपहिया वाहनों को एक बार में 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया जाएगा। कार चालकों के लिए यह सीमा 1500 रुपये तय की गई है। वहीं ट्रक और बस जैसे बड़े वाहनों को 10 हजार रुपये तक का ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा।

कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले वाहनों और मशीनों के लिए जरिकेन में 2000 रुपये तक का ईंधन देने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अनावश्यक भीड़ कम होगी और वितरण व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी।

अफवाहों से बचने की जरूरत

प्रशासन ने नागरिकों से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण ही लोग घबराहट में जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में यदि लोग संयम बनाए रखें तो किसी भी प्रकार का संकट आसानी से टाला जा सकता है। प्रशासन लगातार पेट्रोल पंपों और सप्लाई व्यवस्था की निगरानी कर रहा है ताकि जिले में सामान्य स्थिति बनी रहे।

प्रशासन की निगरानी में रहेगा वितरण तंत्र

बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

ऑयल कंपनियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि जिले में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करें। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में कई अधिकारी और पंप संचालक रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, तेजपाल ध्रव, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खाद्य अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी तरुण नायक, ऑयल कंपनी के विक्रय अधिकारी और जिले के पेट्रोल-डीजल पंप संचालक उपस्थित रहे।

सभी अधिकारियों ने मिलकर जिले में ईंधन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और अफवाहों पर नियंत्रण करने को लेकर विस्तृत चर्चा की।

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