महासमुंद-गरियाबंद में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, 195 कनेक्शन जांचे, 53 उपभोक्ता पकड़े गए

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ में बिजली बिल बकाया होने के बावजूद अनधिकृत तरीके से बिजली का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ विद्युत विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। महासमुंद और गरियाबंद जिले में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत 53 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया है। जांच टीमों ने करीब 195 बिजली कनेक्शनों का निरीक्षण किया। अब संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की ओर से 24 अक्टूबर को चलाए गए इस अभियान में 23 जांच टीमें शामिल रहीं। विभाग का मुख्य फोकस उन उपभोक्ताओं पर रहा, जिनके बिजली कनेक्शन बकाया भुगतान के कारण काट दिए गए थे, लेकिन वे बिना अनुमति दोबारा बिजली का उपयोग कर रहे थे।

बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी इस्तेमाल

विद्युत कंपनी की टीमों ने महासमुंद, कोमाखान, बागबाहरा, सांकरा, पटेवा और गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में जांच की। इसके अलावा सरायपाली शहर के पालसी, यासीन कॉलोनी, इनायत पारा और भंवरपुर रोड में भी विशेष अभियान चलाया गया।

जांच के दौरान स्मार्ट मीटर के जरिए रिमोट से बिजली आपूर्ति बंद किए गए कनेक्शनों की दोबारा पड़ताल की गई। वहीं, नॉन-स्मार्ट मीटर वाले उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी जांचे गए, जिनकी बिजली लाइन पहले ही खंभे से काटी जा चुकी थी।

निरीक्षण में सामने आया कि कुछ उपभोक्ता बिजली कनेक्शन विच्छेदित होने के बावजूद सीधे बिजली के खंभे से हुकिंग कर या मीटर को बायपास करके बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे कुल 53 मामले सामने आने के बाद विद्युत कंपनी ने संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बिजली चोरी के मामलों में अब कानूनी कार्रवाई

जांच के दौरान पकड़े गए मामलों में विद्युत कंपनी के अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार किया है। इन प्रकरणों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 और 138 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मामलों को पुलिस थाने और विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

विद्युत अधिनियम की धारा 135 बिजली चोरी से संबंधित है। इसके तहत दोषसिद्धि होने पर पहली बार के मामले में कम से कम तीन महीने से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। जुर्माने का निर्धारण चोरी की गई बिजली की मात्रा, भार और कानून में निर्धारित अन्य मानकों के अनुसार किया जाता है।

वहीं, धारा 138 के तहत मीटर से छेड़छाड़, मीटर को बायपास करने, अनधिकृत रूप से बिजली लाइन जोड़ने या विद्युत आपूर्ति में अवैध हस्तक्षेप करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अपराध की प्रकृति और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कारावास, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।

इसके अतिरिक्त, संबंधित मामलों में आकलित बिजली चोरी की राशि, बकाया बिजली बिल और नियमानुसार लागू अन्य शुल्क की वसूली भी की जा सकती है। हालांकि, अंतिम दंड और देय राशि का निर्धारण मामले के तथ्यों तथा लागू नियमों के आधार पर सक्षम न्यायालय या अधिकृत प्राधिकारी द्वारा किया जाएगा।

पहले 263 मामले आ चुके हैं सामने

महासमुंद और गरियाबंद जिले में बिजली चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इससे पहले भी 263 मामलों में पंचनामा तैयार किया गया था। इन प्रकरणों को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही थी।

अब 53 नए मामले सामने आने के बाद विभाग की कार्रवाई और तेज हो गई है। विद्युत कंपनी का उद्देश्य बकाया बिल वाले विच्छेदित कनेक्शनों की निगरानी करना, बिजली चोरी पर रोक लगाना और उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही बिजली इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना है।

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31 मार्च 2027 तक जारी रहेगा विशेष जांच अभियान

विद्युत कंपनी के अनुसार, महासमुंद और गरियाबंद जिले में बिजली चोरी तथा अनधिकृत बिजली उपयोग के खिलाफ यह विशेष जांच अभियान 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगा। इस दौरान संदिग्ध कनेक्शनों की जांच के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

कंपनी ने ऐसे उपभोक्ताओं से अपील की है, जिनके बिजली कनेक्शन बकाया भुगतान के कारण काटे गए हैं, कि वे बिना अनुमति बिजली लाइन दोबारा न जोड़ें और न ही मीटर को बायपास करके बिजली का उपयोग करें। ऐसा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

बकाया बिजली बिल वालों को समाधान योजना का विकल्प

विद्युत कंपनी ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान करने की अपील की है। पात्र उपभोक्ता समाधान योजना के तहत उपलब्ध राहत और पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, अभियान के दौरान कुछ उपभोक्ता बकाया भुगतान और समाधान योजना के माध्यम से राहत पाने के विकल्पों की जानकारी भी ले रहे हैं।

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विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली कनेक्शन कटने के बाद उसे दोबारा चालू कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। बकाया बिल का भुगतान, समाधान योजना की पात्रता और कनेक्शन बहाली की जानकारी संबंधित विद्युत कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। विभाग ने उपभोक्ताओं से नियमों का पालन करने और बिजली का उपयोग वैध तरीके से करने की अपील की है।

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