रायपुर. छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने राज्यभर में संचालित शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने और निगरानी में लापरवाही बरतने के मामलों में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर दो आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीईओ) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा भी की गई है।
राज्य स्तरीय जांच के बाद हुई सख्त कार्रवाई
आबकारी विभाग को विभिन्न जिलों की शराब दुकानों में निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन शिकायतों की जांच राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर आबकारी आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। विभाग का कहना है कि शराब बिक्री में पारदर्शिता बनाए रखने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
दो आबकारी उप निरीक्षक निलंबित
जांच में लापरवाही और ओवररेटिंग के मामलों में दोषी पाए जाने पर बालोद जिले के गुरूर में पदस्थ आबकारी उप निरीक्षक आशाराम शाक्य तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम रोहासी स्थित देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान के प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक पी. माधव राव को निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

एडीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
एक अन्य मामले में बालोद जिले की देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान, अरकार की प्रभारी एवं मंडल प्रभारी का दायित्व निभा रहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच में उनके नियंत्रण में शिथिलता, कर्तव्य के प्रति लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता पाए जाने के बाद आबकारी आयुक्त ने सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को उनके खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा भेजी है।
शराब दुकानों में ओवररेटिंग पर रहेगा विभाग का सख्त रुख
आबकारी विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य की सभी शराब दुकानों की निगरानी लगातार जारी रहेगी। यदि कहीं भी निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री, नियमों का उल्लंघन या अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य शराब बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना है।
उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर विशेष जोर
छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों में केवल निर्धारित सरकारी दर पर ही बिक्री सुनिश्चित की जाएगी। ओवररेटिंग, नियमों के उल्लंघन और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में भविष्य में भी नियमित जांच अभियान चलाए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की आर्थिक हानि का सामना न करना पड़े।










