रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीदी को अधिक सुगम, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रदेश के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अब लंबी दूरियां तय नहीं करनी पड़ेंगी और न ही उपार्जन केंद्रों पर घंटों इंतजार करना होगा। इस उद्देश्य को पूरा करते हुए राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस नए विस्तार के बाद अब छत्तीसगढ़ में कुल धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट मानना है कि अन्नदाता किसानों की मेहनत का सम्मान और उनकी सुविधाओं का दायरा बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शुमार है। सरकार का यह प्रयास है कि धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया को इतना सरल बना दिया जाए कि प्रत्येक किसान को संतुष्टि का अनुभव हो।
360 नए केंद्रों से दो लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ
राज्य सरकार के इस बड़े निर्णय से प्रदेश के दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। नए केंद्रों के खुलने से किसानों को अपने गांव या नजदीकी इलाकों में ही धान बेचने की सुविधा मिल जाएगी।
- परिवहन खर्च में भारी बचत: दूर-दराज के केंद्रों तक धान ले जाने की मजबूरी खत्म होने से ढुलाई (परिवहन) पर होने वाले खर्च में सीधी बचत होगी।
- भीड़ और लंबी कतारों से मुक्ति: पुराने केंद्रों पर अत्यधिक भीड़ के कारण लगने वाले लंबे समय और प्रतीक्षा की समस्या से राहत मिलेगी।
- समय का सदुपयोग: किसानों का आवागमन अलग-अलग केंद्रों में बंटने से तौल, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएं तेजी से पूरी होंगी, जिससे किसान अपने अन्य कृषि कार्यों के लिए ज्यादा समय निकाल सकेंगे।
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15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, जानिए पूरा शेड्यूल
छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की समयावधि तय कर दी है:
- ट्रायल रन (Trial Run): व्यवस्थाओं को जांचने के लिए 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक समितियों में ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा।
- टोकन वितरण की शुरुआत: किसानों के लिए 10 नवंबर 2026 से टोकन मिलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
- धान खरीदी की अवधि: प्रदेश में वास्तविक धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक चलेगी।
घर बैठे मिलेगा ‘तुंहर टोकन’, मोबाइल ऐप से ऐसे करें आवेदन
किसानों को समितियों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में खड़े होने से बचाने के लिए इस बार भी ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
- किसान अपने स्मार्टफोन से 24 घंटे कभी भी घर बैठे धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
- इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों को यह फायदा होगा कि उन्हें टोकन लेने के लिए तय समय पर समिति पहुंचने की बाध्यता से मुक्ति मिल जाएगी।
- वे अपनी सुविधा और परिवहन की योजना के अनुसार सही तारीख पर धान बेचने पहुंच सकेंगे।
सरकार का संकल्प: अन्नदाता की हर मुश्किल होगी आसान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ यहाँ के किसान हैं। सरकार का लक्ष्य केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य देना भर नहीं है, बल्कि पूरी विक्रय प्रक्रिया को आसान बनाना है। नए केंद्रों की स्थापना, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था और खरीदी से पहले होने वाले ट्रायल रन जैसी पहल इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। सरकार का यह कदम राज्य के अन्नदाताओं के जीवन में आर्थिक समृद्धि और चैन लेकर आएगा। खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें babapost.in पर।

