India Switzerland Deal: नई दिल्ली. भारत और स्विट्जरलैंड के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन (Guy Parmelin) अपनी आधिकारिक राजकीय यात्रा पर भारत पहुंचे हैं। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति परमेलिन के बीच उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें विज्ञान, तकनीक, व्यापार और निवेश समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति बनी।
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत और राजघाट पर श्रद्धांजलि
राजकीय यात्रा की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में स्विस राष्ट्रपति का औपचारिक और आधिकारिक स्वागत किया गया।
- गर्मजोशी से स्वागत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का स्वागत किया।
- बापू को नमन: इससे पहले दिन में, राष्ट्रपति परमेलिन और उनकी पत्नी कैरोलीन परमेलिन ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पांजलि समारोह में भाग लिया।
- विदेश मंत्री से मुलाकात: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्विस नेता से मुलाकात की और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों तथा भारत-EFTA TEPA के वादे को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत-EFTA TEPA की पहली वर्षगांठ का जश्न
इस यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) के सफल क्रियान्वयन की पहली वर्षगांठ मनाना है।
EFTA (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) सदस्य देश:
├── स्विट्जरलैंड (Switzerland)
├── आइसलैंड (Iceland)
├── लिकटेंस्टीन (Liechtenstein)
└── नॉर्वे (Norway)
TEPA से जुड़े मुख्य तथ्य
| विषय | विवरण |
| समझौते का नाम | भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) |
| हस्ताक्षर की तिथि | 10 मार्च, 2024 |
| लागू होने की तिथि | 01 अक्टूबर, 2025 |
| मुख्य क्षेत्र | व्यापार, निवेश, तकनीकी नवाचार, कार्यबल की आवाजाही |
| महत्वपूर्ण कार्यक्रम | 7 अक्टूबर को द्वितीय भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट |
द्विपक्षीय वार्ता: व्यापार, तकनीक और नवाचार पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए स्विस राष्ट्रपति एक उच्च-स्तरीय व्यापारिक और आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई:
- साइंस एवं टेक्नोलॉजी: वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विकास में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देना।
- व्यापार एवं निवेश: दोनों देशों के बीच आर्थिक अवसरों का विस्तार करना और कॉर्पोरेट साझेदारी को मजबूत करना।
- कार्यबल की आवाजाही (Skill & Mobility): पेशेवरों और कुशल कार्यबल के आदान-प्रदान को सुगम बनाना।
- वैश्विक मुद्दे: क्षेत्रीय, वैश्विक और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को बढ़ाना।
“यह यात्रा हमारी करीबी, व्यापक और लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। साझा लोकतांत्रिक मूल्य और आपसी भरोसा हमारे संबंधों की नींव हैं।”
— गाइ परमेलिन, राष्ट्रपति, स्विस परिसंघ
वर्ष 2026 में दूसरी भारत यात्रा
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, राष्ट्रपति परमेलिन की यह पहली भारत राजकीय यात्रा है, हालांकि वर्ष 2026 में यह उनका दूसरा भारत दौरा है। इससे पहले वे फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने आए थे।
अपनी इस यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे, जो उनके सम्मान में एक औपचारिक राजकीय भोज (State Banquet) की मेजबानी करेंगी।








