रायपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से प्रशासनिक कार्रवाई की बड़ी खबर सामने आई है। सरगुजा संभाग के संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने ड्यूटी में लापरवाही और प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता बरतने के आरोप में बिहारपुर के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को सूरजपुर जिले के ग्राम कुबेरपुर में एक ट्रैक्टर दुर्घटना हुई थी। हादसे के बाद इलाके में कानून एवं शांति व्यवस्था को लेकर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस दौरान बिहारपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर पर अपने प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप सामने आए।
इस मामले में प्राप्त जांच प्रतिवेदन में उनके कार्य व्यवहार को शासकीय सेवा की गरिमा के विपरीत बताया गया। साथ ही, इसे गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखे जाने की अनुशंसा की गई।
संभागायुक्त ने लिया सख्त एक्शन, तत्काल प्रभाव से निलंबन
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। जांच प्रतिवेदन के आधार पर करमचंद जाटवर का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया गया।
इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुसार, करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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निलंबन के दौरान अंबिकापुर रहेगा मुख्यालय
जारी आदेश में निलंबन अवधि के दौरान करमचंद जाटवर का मुख्यालय कार्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर, जिला सरगुजा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और शासकीय अधिकारियों की कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासनिक व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से सरकारी कामकाज में जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश भी गया है। babapost.in पर खबरें पढ़ने के लिए विजिट करें।

