महासमुंद. दिल्ली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली एवं मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे कांग्रेस एवं ‘इंडिया’ गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार एवं गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर देशभर में ‘काला दिवस’ मनाया गया। इसी क्रम में जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी एवं शहर कांग्रेस कमेटी महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय नेहरू चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा लोकतंत्र, संविधान एवं नागरिकों के मताधिकार की रक्षा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का लोकतांत्रिक अधिकार है।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि दिल्ली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर आवाज उठा रहे ‘इंडिया’ गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं—लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया और उन्हें हिरासत में लिया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वोट देने का अधिकार प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसकी रक्षा करना लोकतंत्र की मूल जिम्मेदारी है। कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सड़क से संसद तक अपनी आवाज मजबूती से उठाती रहेगी।
पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर ने कहा कि संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। चुनाव आयोग और पुलिस जैसी संवैधानिक एवं महत्वपूर्ण संस्थाओं पर जनता का विश्वास बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाने के बजाय उठाए गए सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। कांग्रेस जनहित और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगी।
पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि का संवैधानिक अधिकार है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय लोकतांत्रिक संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। कांग्रेस इन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष जनता की आवाज और अधिकारों की रक्षा करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। जब लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़े होंगे, कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता मजबूती से अपनी आवाज उठाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की घटना को केवल नेताओं की गिरफ्तारी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। कांग्रेस कार्यकर्ता न दबेंगे और न डरेंगे तथा जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन खिलावन बघेल ने किया। कार्यक्रम के दौरान लक्ष्मण पटेल, श्रीमती लक्ष्मी देवांगन, श्रीमती राशि महिलांग, संजय शर्मा, अमन चंद्राकर, विजय बंजारे आदि कांग्रेस नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि संविधान, लोकतंत्र और मतदाता के अधिकारों की रक्षा किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता लोकतंत्र की बुनियाद है। मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों का समाधान लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। लोकतंत्र, संविधान एवं नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस का लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन में सेवनलाल चंद्राकर श्रीमती अन्नु चंद्राकर, खिलावन बघेल, तुलसी साहू, श्रीमती ब्रिजेन बंजारे, श्रीमती सोनम बंसोड, तबरेज खान, देवेश शर्मा, राजेश नेताम, मानिकराम साहू, टोमन कागजी, नुकेश महंत, राजू साहू, अनुराग चंद्राकर, नारायण नामदेव, लोकेश चंदन, श्रीमती कविता तिवारी, श्रीमती जयश्री दास, मोती साहू, लीलू साहू, राजेश मुकर्जी, लोकेश मांझी, सुरेंद्र ठाकुर, राहुल आवडे, संतोष धीवर, अब्दुल जावेद, श्रीमती भूमिका ध्रुव, तुलसी देवादास, अरूण साहू, भानु सोनी, छोटेलाल मानिकपुरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






